Headlines

Election Commission Removes SIR Declaration from Form 6


नई दिल्ली3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पूरा हो चुके राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म 6 से अतिरिक्त घोषणा हटा दी है। यानी SIR पूरा होने के बाद फॉर्म 6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी नहीं मांगी जाएगी।

हालांकि जिन राज्यों में SIR जारी है, वहां फॉर्म 6 में यह घोषणा अब भी दिख रही है। यह बदलाव मंगलवार देर रात ECINET पोर्टल पर किया गया। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को इसका ऐलान किया था।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने इस पर आपत्ति जताई थी। फॉर्म 6 का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए होता है।

घोषणा पत्र जोड़ने का कारण

SIR में पुरानी वोटर लिस्ट से नए और मौजूदा मतदाताओं की जानकारी मिलाई जाती है। नए मतदाताओं से उनके या परिवार के सदस्यों के नाम पिछली SIR की लिस्ट में होने की जानकारी मांगी गई।

शुरुआत में इसके लिए अलग घोषणा पत्र था। बाद में यही जानकारी ऑनलाइन Form 6 में जोड़ दी गई, लेकिन डाउनलोड होने वाले फॉर्म 6 में यह हिस्सा नहीं था।

1. SIR हो चुके राज्यों में Form 6 से घोषणा-पत्र हटाने के मायने: एसआईआर के दौरान मतदाता सूची की जांच और पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी पहले ही जुटाई जा चुकी है। इसलिए एसआईआर पूरा होने के बाद नया वोटर बनने वाले व्यक्ति से यह अलग से पूछना कि उसका या उसके माता-पिता/दादा-दादी का नाम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में था या नहीं, जरूरी नहीं माना गया।

2. SIR नहीं हुई उन राज्यों में घोषणा-पत्र बनाए रखने के मायने: वहां पिछली एसआईआर के रिकॉर्ड से नए वोटर या उसके परिवार का संबंध पता करने के लिए यह घोषणा ली जा रही है। यानी एसआईआर शुरू होने तक यह जानकारी मतदाता सूची की जांच और पुराने रिकॉर्ड से मिलान में काम आ सकती है। एसआईआर के बाद यही घोषणा हटती है तो उस राज्य में भी नए वोटर को यह अतिरिक्त जानकारी देने की जरूरत नहीं रहेगी और प्रक्रिया सरल हो जाएगी।

रिपोर्ट- 2 चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई

  • द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म 6 में SIR से जुड़ी जानकारी जोड़ने पर आपत्ति जताई थी।
  • उनका कहना था कि नियमों में बदलाव किए बिना वैधानिक फॉर्म 6 में नया हिस्सा जोड़ दिया गया।
  • विवेक जोशी ने कहा कि फॉर्म 6 नियमों के तहत तय फॉर्म है, इसलिए इसमें बदलाव के लिए पहले नियमों में संशोधन जरूरी है।
  • वहीं, सुखबीर सिंह संधू ने ऑनलाइन फॉर्म 6 में जोड़े गए हिस्से को “अनधिकृत और अवैध” बताते हुए उसे हटाने की बात कही थी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *