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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के प्रोडक्शन वारंट जारी:चंडीगढ़ कोर्ट में DAV कॉलेज गोलीकांड में सुनवाई; 25 अगस्त को VC से होगी पेशी




चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में वर्ष 2012 में हुए चर्चित गोलीकांड और हिंसक झड़प मामले में जिला अदालत ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के प्रोडक्शन वारंट जारी किए हैं। अदालत ने गुजरात की साबरमती जेल के अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि 25 अगस्त को अगली सुनवाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया जाए। शनिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी नहीं हो सकी। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए उसके प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए और अगली सुनवाई पर हर हाल में पेश करने का आदेश दिया। 12 जून, 2012 को हुआ था चर्चित गोलीकांड यह मामला 12 जून 2012 का है। उस समय सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में स्टार नाइट कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (पुसू) और स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (सोपू) के समर्थकों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों छात्र संगठनों के समर्थकों के बीच कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि झड़प के दौरान लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथियों ने पुसू समर्थकों पर हमला कर दिया। इसी दौरान गोली भी चलाई गई, जिससे कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्र को लगी थी गोली, कई अन्य हुए थे घायल इस घटना में छात्र चरणदेव सिंह को गोली लगी थी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था, जबकि मारपीट और भगदड़ में कई अन्य छात्र भी घायल हुए थे। घटना के बाद कॉलेज परिसर और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। घटना के बाद सेक्टर-3 थाना पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, दंगा और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। 4 आरोपी पहले ही हो चुके हैं बरी मामले की सुनवाई के दौरान वर्ष 2014 में अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में चार आरोपियों को बरी कर दिया था। हालांकि, लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ मामला अलग से जारी रहा। वह अन्य मामलों में जेल में बंद होने के कारण इस केस की सुनवाई भी लंबे समय से चल रही है। अदालत ने पेशी नहीं होने पर दिखाई सख्ती शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश नहीं किया गया। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए गुजरात की साबरमती जेल के अधीक्षक को प्रोडक्शन वारंट जारी किए। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 25 अगस्त को अगली सुनवाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया जाए, ताकि मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई जा सके।



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