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यूएसए में 8 हेरिटेज फर्नीचर की 13 को लगेगी बोली




चंडीगढ़ | यूएसए में चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर आइटम को ऑक्शन के लिए रखा गया है। 8 फर्नीचर आइटम बेची जा रही हैं। शिकागो स्थित राइट डिजाइन ऑक्शन हाउस 13 अगस्त को नीलामी करेगा। इसमें चंडीगढ़ में रहते हुए पियरे जेनरे ने जो फर्नीचर डिजाइन किया है, उसे बेचा जाएगा। नीलामी में हेरिटेज फर्नीचर की अनुमानित कीमत करीब 40.94 लाख रुपए से 52.61 लाख रुपए तक रखी गई है। खरीदार तभी ऊंची बोली लगाते हैं, जब उन्हें लगता है कि यह वास्तव में हेरिटेज आइटम है। जो फर्नीचर बेचा जा रहा है, ऑक्शन हाउस इनके भी कोड लिख रहा है। जो फर्नीचर बेचा जा रहा है, उसमें से ज्यादातर पर चंडीगढ़ की इमारतों के नाम लिखे हुए हैं। 25 करोड़ रु. से ज्यादा का सामान बेच दिया… चंडीगढ़ से जुड़े सामान को लेकर हर महीने नीलामी होती है। प्रशासन ने पिछले दो महीनों में विदेश मंत्रालय के जरिए भारतीय दूतावास से संपर्क किया और दो मामलों में सफलता मिली। स्थाई इंतजाम के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर प्रशासन ने तैयार किए हैं, ताकि ऑक्शन होती है तो जानकारी संबंधित विभागों को दी जाए। एफआईआर दर्ज करने से लेकर विदेश मंत्रालय और वहां से ऑक्शन होने वाले देश में स्थित भारतीय दूतावास तक जानकारी जल्द पहुंच जाए। पिछले चार-पांच वर्षों में अलग-अलग देशों में करीब 25 करोड़ रुपए से ज्यादा का सामान चंडीगढ़ से हेरिटेज का बताकर बेचा जा चुका है। } ऑफिस चेयर की अनुमानित कीमत 2.50 से 3.34 लाख रुपए } लिनन चेस्ट की कीमत 4.17 से 5.84 लाख रुपए } डेस्क और चेयर की कीमत 6.68 से 8.35 } डाइनिंग चेयर्स की कीमत 5.01 से 6.68 लाख रुपए } फाइल रैक की कीमत 5.01 से 6.68 लाख रुपए } राइटिंग चेयर की कीमत 2.50 से 3.34 लाख रुपए } राइटिंग चेयर की कीमत 2.50 से 3.34 लाख रुपए } कमेटी टेबल की कीमत 10.02 से 12.53 लाख रुपए } डे बेड की कीमत 6.68 से 8.35 लाख रुपए तक रखी गई है। 8 फर्नीचर का यह रखा है प्राइस चंडीगढ़ हेरिटेज फर्नीचर आइट्म्स प्रोटेक्शन सैल के मेंबर एडवोकेट अजय जग्गा ने विदेश मंत्रालय को रिप्रेजेंटेशन भेजी है। कहा कि ऑक्शन को रुकवाया जाए। चंडीगढ़ प्रशासन पिछले दो महीनों में पेरिस और स्पेन में चंडीगढ़ से जुड़े हेरिटेज फर्नीचर को ऑक्शन से हटवा चुका है। यूएसए के साथ पहले भी दिक्कत रही है। वहां की अथॉरिटी के साथ बातचीत के बावजूद भी चंडीगढ़ से जुड़े हेरिटेज को ऑक्शन हाउस ने बेच दिया था। इस बार ऑक्शन रुकवाने के लिए प्रशासन को कड़ी मेहनत करनी होगी।



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