काम टालने की आदत आलस ही नहीं तनाव-अकेलापन बढ़ा रही:छोटे लक्ष्य तय करें, पूरा होने पर खुद को ट्रीट दें, ये आत्मविश्वास बढ़ाएगा




‘कल करेंगे’ कहकर काम टालना कई लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। अमेरिका के न्यूयॉर्क की जेंसी डन को ड्राइविंग लाइसेंस की नई आईडी बनवानी थी, लेकिन उन्होंने चार बार अपॉइंटमेंट लेने के बाद उसे रद्द कर दिया। पांचवीं बार उन्होंने खुद को तैयार किया और काम पूरा किया। जेंसी की कहानी उन लाखों लोगों जैसी है, जो जरूरी काम जानते हुए भी टालते रहते हैं। मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, यह आलस नहीं, बल्कि खुद को नियंत्रित करने की चुनौती है, जो तनाव और मानसिक सेहत पर असर डाल सकती है। खुद पर नियंत्रण की कमी बनती है काम टालने की बड़ी वजह टालमटोल को केवल आलस मानना गलत है। 2023 में 3,525 स्वीडिश विश्वविद्यालय छात्रों पर हुए अध्ययन में ज्यादा टालमटोल करने वालों में तनाव, चिंता, अकेलापन और लंबे समय तक रहने वाले दर्द की शिकायत अधिक मिली। वहीं, 2025 में मेडिकल जर्नल फ्रंटियर्स इन साइकियाट्री में 17 देशों के 63 हजार से ज्यादा लोगों पर आधारित 88 अध्ययनों की मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि लगातार काम टालना और उससे घटता आत्मविश्वास भविष्य में डिप्रेशन का कारण बन सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, कई बार खुद को नियंत्रित करने में आने वाली कठिनाई को सही रणनीति से बदला जा सकता है। व्यायाम व छोटे कदम से शुरुआत कर बदली जा सकती है आदत विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी बड़े काम को पूरा करने की चिंता करने के बजाय उसका सबसे छोटा हिस्सा शुरू करना ज्यादा असरदार होता है। इसके बाद दिमाग खुद आगे बढ़ने को प्रेरित करता है। 2020 के दो परीक्षणों में ‘मेंटल कॉन्ट्रास्टिंग विद इम्प्लीमेंटेशन इंटेंशन’ तकनीक अपनाने वाले छात्रों ने सोने का समय कम टाला। इस तकनीक में पहले लक्ष्य हासिल होने की कल्पना की जाती है, फिर बीच की सबसे बड़ी बाधा पहचानी जाती है और उससे निपटने की पहले से योजना बना ली जाती है। वहीं, अन्य रिसर्च में 12 सप्ताह तक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज से किशोरों में टालमटोल की आदत में कमी देखी गई। भविष्य के लिए आज लिए छोटे फैसले बदल सकते हैं आदत घर से काम व स्मार्टफोन की वजह से अब लोगों के पास काम टालने के बहाने ज्यादा हैं। 2022 में हुई एक समीक्षा में शामिल सभी 18 अध्ययनों में ज्यादा स्मार्टफोन इस्तेमाल और काम टालने की आदत के बीच संबंध मिला। विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर सोशल मीडिया बार-बार ध्यान भटका रहा है तो कुछ समय के लिए फोन खुद से दूर कर दें। अगर कोई बड़ा काम शुरू करने का मन न हो तो छोटा जरूरी काम पूरा करें। इसके बाद खुद को ट्रीट दें। ये आत्मविश्वास व कार्यक्षमता बढ़ाएगा। साथ ही सोचें कि आज का छोटा प्रयास कल खुद के लिए कितनी आसानी पैदा करेगा। यही सोच धीरे-धीरे आदत बदलने में मदद करती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *