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रनवे विस्तार को गति; भूमि अधिग्रहण के लिए 150 रैयतों को नोटिस




खगड़ा स्थित किशनगंज एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है। सरकार ने परियोजना को प्राथमिकता देते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके बाद जिला प्रशासन ने भूमि की पैमाइश कर अधिग्रहण योग्य जमीन और रैयतों की पहचान कर ली है। भू-अर्जन विभाग ने 150 चिह्नित रैयतों को नोटिस जारी कर एक माह के भीतर दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। रनवे विस्तार के लिए कुल 24.70 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। इसमें पूर्वी हिस्से में बीएसएफ की करीब आठ एकड़ भूमि का हस्तांतरण किया जाएगा, जबकि शेष भूमि रैयतों से अधिग्रहित की जाएगी। भूमि के प्रकार के अनुसार प्रभावित रैयतों को मुआवजा दिया जाएगा। वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे 900 मीटर लंबा है, जिस पर केवल हेलीकॉप्टर और छोटे चार्टर विमान उतरते हैं। रन वे के विस्तार के बाद बड़े और सैन्य विमान भी यहां लैंड कर सकेंगे। विस्तार के तहत रनवे की पूर्व दिशा में 700 मीटर लंबाई और 100 मीटर चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इसके लिए 17.29 एकड़ जमीन का अधिग्रहण व हस्तांतरण किया जाएगा, जबकि पश्चिम दिशा में रन वे को 300 मीटर लंबा एवं 100 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए 7.41 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। पहले चरण में 5.45 करोड़ स्वीकृत भूमि अधिग्रहण के लिए प्रथम चरण में 5.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर भू-अर्जन विभाग सिविल एविएशन विभाग से अतिरिक्त राशि की मांग करेगा। रनवे विस्तार के साथ चहारदीवारी की मरम्मत, एटीएस टावर और टर्मिनल भवन का निर्माण भी प्रस्तावित है। भविष्य में यहां से आम लोगों के लिए हवाई सेवा शुरू होने की संभावना है, जिससे लोगों को पूर्णिया, बागडोगरा या कोलकाता पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रनवे विस्तार को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विस्तारित रनवे पर जरूरत पड़ने पर सैन्य विमान भी आसानी से उतर सकेंगे। साथ ही नियमित हवाई सेवा शुरू होने पर व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। एक माह में पूरी होगी भू-अर्जन प्रक्रिया ^चिह्नित रैयतों से भूमि संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं, ताकि सत्यापन के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा सके। उन्होंने बताया कि बीएसएफ की भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी चल रही है और एक माह के भीतर भू-अर्जन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अक्षयवट तिवारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी।



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