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सीधी जिले के मझौली क्षेत्र में कंचनपुर-उमरिया मार्ग पर स्थित वन विभाग का पुल तेज बारिश के बाद जर्जर हो गया है। पुल के नीचे की मिट्टी बह जाने से उसकी नींव कमजोर हो गई है और पुल हवा में लटका दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने बड़े हादसे की आशंका जताते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की है। बारिश में बह गई पुल के नीचे की मिट्टी स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पुल के नीचे की पूरी मिट्टी कटकर बह गई है। इससे पुल की नींव कमजोर हो गई है और भारी वाहन गुजरने पर किसी भी समय पुल धंसने का खतरा बना हुआ है। मंगलवार को ग्रामीणों ने इस संबंध में वन विभाग के डीएफओ से शिकायत की। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग ने करीब पांच वर्ष पहले इस पुल का निर्माण कराया था। निर्माण के दौरान दोनों ओर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। लगातार बारिश के कारण अब पुल के नीचे का हिस्सा पूरी तरह खोखला हो गया है। 9 गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित यह पुल खरबर, डेवा, देवमठ, कछमेछ, कंचनपुर, उमरिया सहित करीब नौ गांवों के लोगों का मुख्य संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण मझौली और जिला मुख्यालय सीधी तक पहुंचते हैं। ऐसे में पुल की खराब स्थिति से हजारों लोगों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। ग्राम पंचायत डेवा निवासी महावीर यादव ने बताया कि लोग मजबूरी में इसी पुल से गुजर रहे हैं, लेकिन हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से पुल की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। वन विभाग ने जल्द कार्रवाई का दिया भरोसा संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के डीएफओ राजेश कन्ना टी ने बताया कि तेज बारिश के कारण पानी के बहाव से पुल के नीचे की मिट्टी कट गई है। विभाग मामले को गंभीरता से ले रहा है और पुल की सुरक्षा और आवश्यक मरम्मत की कार्रवाई जल्द कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।
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बारिश में पुल के नीचे की मिट्टी बही:सीधी में 9 गांवों की आवाजाही पर खतरा; ग्रामीणों ने डीएफओ से मरम्मत की मांग
