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गुरुग्राम जिले के मानेसर नगर निगममें राजनीतिक वर्चस्व की जंग पुलिस थाने तक पहुंच गई है। निर्दलीय मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर के भाजपा ज्वाइन करने के बाद तल्खी और बढ़ गई है। मंगलवार को मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर के ऑफिस में चल रही हाउस की मीटिंग में जब सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीण कुमार ने बोलना चाहा तो मेयर समर्थक पार्षदों ने हंगामा कर दिया और गाली-गलौच, हाथापाई के साथ मारपीट तक की नौबत आ गई। यह हाई-प्रोफाइल ड्रामा उस समय हुआ, जब गुरुग्राम स्थित भाजपा के जिला मुख्यालय गुरुकमल में मुख्यमंत्री नायब सैनी भाजपा पदाधिकारियों को एकजुट होकर काम करने का पाठ पढ़ा रहे थे। बीजेपी बनाम बीजेपी की जंग यह पूरा मामला इसलिए ज्यादा गरमा गया है क्योंकि इसमें शामिल सभी मुख्य चेहरे बीजेपी से जुड़े हैं। इसे मानेसर निगम में ‘बीजेपी बनाम बीजेपी’ की अंदरूनी गुटबाजी के तौर पर देखा जा रहा है। मेयर की दोबारा भाजपा में एंट्री ने सत्ता के संतुलन को बिगाड़ दिया है, जिससे सीनियर डिप्टी मेयर और अन्य पार्षद खुद को दरकिनार महसूस कर रहे हैं। पार्टी ज्वाइनिंग के बाद से बढ़ी तल्खी विवाद की असली जड़ मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर की बीजेपी में आधिकारिक वापसी को माना जा रहा है। सांसद राव इंद्रजीत ने मेयर को पार्टी ज्वाइन करवाई, जिससे उनके राजनीतिक विरोधी राव नरबीर के समर्थक पार्षद असहज महसूस कर रहा था। सदन की हालिया बैठक के दौरान यह अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। विकास कार्यों, अधिकारों और राजनीतिक रसूख को लेकर पार्षदों और मेयर के बीच तीखी बहस हुई। यह बहस देखते ही देखते व्यक्तिगत आरोपों और हंगामे में बदल गई। सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीण कुमार ने मेयर गुट पर लगाए गंभीर आरोप………….. असामाजिक तत्वों को बुलाना: मेयर द्वारा बैठक को तय नियमों के विपरीत अपने निजी कार्यालय में आयोजित किया, जहां पहले से ही बाहरी व्यक्तियों और असामाजिक तत्वों (गुंडों) को बुलाकर रखा गया था। महिला पार्षदों से अभद्रता, धक्का-मुक्की: मेयर के निजी कार्यालय में मौजूद बाहरी लोगों और सुरक्षाकर्मियों द्वारा महिला पार्षदों के साथ गाली-गलौज किया गया, डिप्टी मेयर रीमा चौहान का हाथ नोंचना और साथी पार्षद सुमन यादव को धक्के मारकर बाहर निकाला गया। जान से मारने की धमकी, हाथापाई: सदन से बाहर निकलते समय अंकित रामपुरा और दिनेश रामपुरा नामक व्यक्तियों द्वारा सीनियर डिप्टी मेयर के साथ हाथापाई करना और उन्हें जान से मारने की धमकी देना। पूर्व नियोजित साजिश और डराना: प्रदीप शर्मा हयातपुर और अन्य लोगों द्वारा “हमारे काम के बीच में आने पर सबक सिखाने” की धमकी देना, जिससे यह पूरी तरह पहले से प्लान की गई साजिश थी। सरकारी कार्य में बाधा और भय का माहौल: पूरी घटना के कारण सरकारी बैठक का माहौल हिंसक हो गया। सभी जनप्रतिनिधियों में डर का माहौल बन गया और नगर निगम की सरकारी कार्यवाही में बाधा पहुंची। वार्ड-18 की पार्षद परवेश यादव के सीनियर डिप्टी मेयर के आरोप…………… अभद्र और अशोभनीय व्यवहार: सदन की कार्रवाई के दौरान महिला पार्षद के प्रति अत्यंत अशोभनीय और अभद्र व्यवहार करना। अपमानजनक भाषा का प्रयोग: महिला गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का इस्तेमाल करना और सार्वजनिक रूप से गहरा मानसिक आघात व अपमान पहुंचाना। जान से मारने की धमकी: बैठक समाप्त होने के बाद कार्यालय परिसर के बाहर अपने अज्ञात बाहरी गुंडों के साथ मिलकर महिला पार्षद को “तुझे जिंदा नहीं छोड़ूंगा” कहकर सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी देना। भय का वातावरण उत्पन्न करना: सदन के भीतर और बाहर लगातार ऐसी हरकतें करना जिससे महिला पार्षद और उनके परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो और भय का माहौल बने। सदन के कार्य में बाधा और अशांति फैलाना: सदन की बैठकों में लगातार अभद्रता, धमकी और अशांति फैलाकर विकास कार्यों में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करना।
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मानेसर नगर निगम में बीजेपी बनाम बीजेपी की जंग:मेयर के पार्टी ज्वाइन करने पर बढ़ गई तल्खी, डिप्टी मेयर-पार्षदों में धक्का-मुक्की, मारपीट के आरोप
