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निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का 'तीन मोर्चों' पर हमला:बीजेपी और 'कुकर' के साथ अपने नेताओं पर भी निशाना साधा




चित्तौड़गढ़ में आगामी चुनाव से पहले राजनीति गर्माने लगी है। कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक में इस बार सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या (कुकर) और अपनी ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता पर भी बिना नाम लिए निशाना साधा है। बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया के बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य संगठन को मजबूत करना है। इस बार चुनाव में “कुकर की सीटी की हवा भी निकाल देंगे। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव किसी एक नेता के भरोसे नहीं, बल्कि पूरे संगठन की ताकत से लड़ा जाएगा। इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग संगठन से ऊपर खुद को बड़ा समझ रहे हैं, जिला कांग्रेस की बैठकों में नहीं आ रहे हैं और अलग-अलग बैठकें कर रहे हैं। ऐसे लोगों की शिकायत प्रदेश कांग्रेस को भेज दी गई है और पार्टी अनुशासन के अनुसार फैसला करेगी। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत की ओर इशारा माना जा रहा है। हाल ही में जाड़ावत ने शहर और ग्रामीण कांग्रेस ब्लॉक के पदाधिकारियों के साथ अलग बैठकें की थीं। वहीं जिला कांग्रेस की बैठकों के लिए लगातार निमंत्रण भेजे जाने के बावजूद वे शामिल नहीं हुए। पूर्व सभापति बोले- संगठन से बड़ा कोई नहीं प्रमोद सिसोदिया ने अपने संबोधन में कई बार संगठन और अनुशासन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पार्टी है, किसी एक व्यक्ति की नहीं। जो भी पदाधिकारी या नेता संगठन से अलग चलने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व को पूरी जानकारी भेज दी गई है। उनका कहना था कि ब्लॉक और बूथ स्तर पर संगठन बनाने की एक तय प्रक्रिया है, लेकिन कुछ लोग अपनी तरफ से पदों की घोषणा कर रहे हैं और अलग बैठकें लेकर कार्यकर्ताओं में भ्रम फैला रहे हैं। कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि टिकट संगठन तय करेगा और पूरा संगठन मिलकर चुनाव लड़ेगा। कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे मतभेद भुलाकर चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। बीजेपी के भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब दिया पूर्व सभापति संदीप शर्मा ने अपने भाषण में बीजेपी के भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देते हुए खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस के नगर परिषद बोर्ड के 5 साल के कार्यकाल का एक भी भ्रष्टाचार साबित हो जाए तो वह सार्वजनिक जीवन छोड़ देंगे। शर्मा ने कहा कि पिछले तीन साल में नगर परिषद की फाइलें खंगाली गईं, लेकिन कुछ नहीं मिला क्योंकि कांग्रेस ने ईमानदारी से काम किया। इसके बाद उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में उसका जनाधार इतना कमजोर हो गया कि वह कांग्रेस से सीधे मुकाबला नहीं कर सकी। इसलिए उसने मुकाबले की पूरी जिम्मेदारी “कुकर” यानी विधायक चंद्रभान सिंह आक्या को सौंप दी। शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने खुद पीछे हटकर निर्दलीय विधायक के भरोसे राजनीति शुरू कर दी है, लेकिन कांग्रेस किसी से डरने वाली नहीं है। पूर्व सभापति बोले, कांग्रेस के नाम अलग बैठक मत करों संदीप शर्मा का निशाना सिर्फ विपक्ष तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने बिना नाम लिए अपनी ही पार्टी के नेताओं को भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नाम पर अलग-अलग बैठकें बुलाकर अपने ही नेताओं को निशाना बनाना ठीक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कोई भी व्यक्ति किसी को सभापति या नेता नहीं बनाता, यह फैसला जनता करती है। उनके इस बयान को भी कांग्रेस के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत की ओर इशारा माना जा रहा है, क्योंकि पिछले दिनों अलग बैठकों के दौरान ऐसे राजनीतिक संदेशों की चर्चा रही थी। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में कांग्रेस उपाध्यक्ष अहसान पठान, अशोक वैष्णव, पूर्व पार्षद विजय चौहान, सुमन सुहालका, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अल्पेश गोस्वामी, विजय चौधरी, विनोद लढ़्ढा, जाकिर खान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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