![]()
उज्जैन के कंठाल चौराहे पर सिंहस्थ 2028 के चौड़ीकरण कार्य के दौरान हनुमान मंदिर हटाने की आशंका को लेकर हिंदू समाज और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एक घंटे तक चकाजाम किया, जिसे निगम अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। प्राचीन संकट मोचन हनुमान मंदिर को लेकर यह विवाद गहरा गया है। विकास कार्य के दौरान मंदिर हटाए जाने की आशंका के चलते देर रात हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया, महाआरती की और फिर विरोध प्रदर्शन करते हुए चकाजाम किया। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शहर के विकास के नाम पर अब तक 25 से 30 मंदिर हटाए जा चुके हैं। उनका कहना है कि प्राचीन मंदिरों को लगातार हटाकर सनातन संस्कृति और हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। संगठन ने मांग की कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है, तो वह सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी मंदिर के साथ छेड़छाड़ की गई या रात के समय कोई कार्रवाई की गई, तो अगले दिन शहर बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस पूरे मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि कंठाल चौराहे पर नाली निर्माण कार्य के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। इसी संबंध में मंदिर समिति, विश्व हिंदू परिषद और स्थानीय लोगों के साथ चर्चा की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पक्षों के साथ बैठक कर आपसी सहमति से निर्णय लिया जाएगा और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, मंदिर के पुजारी राजेश बैरागी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी विकास कार्य में बाधा डालना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो उपलब्ध स्थान पर मंदिर को व्यवस्थित करने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन मंदिर को वहां से हटाया नहीं जाना चाहिए। बैरागी ने बताया कि इस विषय पर होने वाली बैठक के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
Source link
हनुमान मंदिर हटाने के विरोध में प्रदर्शन:उज्जैन के कंठाल चौराहे पर बजरंग दल ने किया चकाजाम
