Headlines

अयोध्या में सात अभियुक्तों को तीन वर्ष कारावास:दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने जुर्माना भी लगाया




अयोध्या की दो अलग-अलग अदालतों ने कुल सात अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला शुक्रवार, 7 अगस्त को सुनाया गया, जिसकी जानकारी पुलिस प्रशासन ने शाम को दी। पहले मामले में, अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे-6) की अदालत ने थाना कैंट में वर्ष 2024 में दर्ज मुकदमा में निर्णय दिया। अभियुक्त अंजनी कुमार गौड़, पुत्र स्वर्गीय मुन्नीलाल, निवासी ददेरा, थाना पूराकलंदर को चोरी का माल बरामद होने के आरोप में दोषी पाया गया। अदालत ने उसे तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में विवेचक उपनिरीक्षक राहुल कुमार यादव, लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह, पैरोकार हेड कांस्टेबल दुर्गेंद्र चतुर्वेदी एवं कांस्टेबल आर्यन, कोर्ट मोहर्रिर महिला कांस्टेबल रुबीना तथा मॉनीटरिंग सेल ने प्रभावी भूमिका निभाई। दूसरे मामले में, अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे-1) की अदालत ने थाना खंडासा के वर्ष 2015 में दर्ज एक मुकदमे में फैसला सुनाया। इसमें पांच अभियुक्तों रामकुमार, राजेंद्र, अर्जुन, पिंटू और उत्तम को दोषी ठहराया गया। ये सभी पूरे पांडेय का पुरवा, विनायकपुर मिल्कीपुर, थाना खंडासा के निवासी हैं। इन पर वादी के घर को घेरकर ईंट-गुम्मों से हमला करने और घर में आग लगाने का आरोप था। अदालत ने सभी अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस दूसरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचक उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह, लोक अभियोजक ज्ञानेश चंद्र पांडेय एवं रोहित कुमार पांडेय, पैरोकार कांस्टेबल संदीप पाल और विशाल यादव, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल राजकुमार तथा मॉनीटरिंग सेल की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत चिन्हित मामलों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने का अभियान लगातार जारी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *