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पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने शुक्रवार को चंडीगढ़ सेक्टर-43 स्थित सामुदायिक केंद्र में संवादात्मक बैठक और खुली जनसुनवाई का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के सदस्य पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी ने की। बैठक का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना, उनके सुझाव लेना और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों के समाधान की दिशा में कदम उठाना था। बैठक में आयोग के कोर ग्रुप के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों ने मानवाधिकारों के साथ-साथ शहर की मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, जनकल्याण योजनाओं और सरकारी सेवाओं से जुड़े कई मुद्दे आयोग के सामने रखे। नागरिकों ने प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी दिए। जनता की शिकायतों के समाधान का भरोसा पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि मानवाधिकार आयोग लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयोग के पास आने वाली हर वास्तविक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और उसका जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी होती है। नागरिक और सरकारी विभाग मिलकर काम करेंगे तो लोगों की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। अधिकारियों ने विभागों से जुड़े सवालों के दिए जवाब बैठक में पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के अधिकारियों के साथ-साथ चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने-अपने विभागों से जुड़े मामलों पर लोगों की शिकायतें सुनीं और कई सवालों के जवाब भी दिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव है, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वहीं अन्य मामलों को संबंधित विभागों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। जागरूकता-जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर मानवाधिकार आयोग ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का मकसद सिर्फ शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देना और प्रशासन व जनता के बीच बेहतर तालमेल बनाना भी है। आयोग ने कहा कि आगे भी इस तरह की खुली जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, ताकि लोग अपनी समस्याएं सीधे आयोग के सामने रख सकें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।
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चंडीगढ़ में मानवाधिकार आयोग की खुली सुनवाई:नागरिकों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सफाई-मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे रखे, कार्रवाई का आश्वासन
