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चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत भराड़ा के तहत आने वाले गांव कोहला में गुरुवार दोपहर रसोई गैस सिलेंडर फटने से एक रिहायशी मकान में भीषण आग लग गई। सिलेंडर फटने का धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण पूरी तरह सहम गए। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय घर के अंदर कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और किसी भी प्रकार की जनहानि (जानी नुकसान) नहीं हुई। प्रेम लाल का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त, सामान जलकर राख मिली जानकारी के अनुसार, कोहला गांव के निवासी प्रेम लाल पुत्र चंद्र राम के मकान में दोपहर बाद अचानक यह जोरदार धमाका हुआ। धमाके की गूंज सुनते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक मकान से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थीं और आग पूरी तरह फैल चुकी थी। इस भीषण अग्निकांड में मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। घर के अंदर रखा सारा घरेलू सामान, कपड़े, राशन और अन्य जरूरी दस्तावेज व वस्तुएं जलकर राख हो गईं। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, प्रभावित परिवार को इस हादसे में लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। ग्रामीणों की मुस्तैदी से रुका बड़ा खतरा, आसपास के घर सुरक्षित हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने अभूतपूर्व एकजुटता और साहस का परिचय दिया। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए अपने स्तर पर ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पानी और मिट्टी की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की इसी तत्परता और सूझबूझ के कारण आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, जिससे वह आसपास के अन्य मकानों तक नहीं फैल सकी, अन्यथा पूरा गांव इसकी चपेट में आ सकता था। प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन की एक विशेष टीम ने प्रभावित गांव का दौरा किया। अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस संबंध में जानकारी देते हुए तहसीलदार आशीष ठाकुर ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया है। अग्निकांड से हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन (इवैल्यूएशन) किया जा रहा है, ताकि प्रभावित परिवार को सरकारी नियमों के तहत जल्द से जल्द उचित राहत राशि और मुआवजा प्रदान किया जा सके।
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भरमौर के चुराह में गैस सिलेंडर फटने से मकान राख:हादसे के समय घर में किसी के न होने स बची जान, लेकिन कोई घरेलू सामन नहीं बचा
