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भरतपुर के एक गांव में सूखे कुएं से 5 करोड़ रुपए की दवाइयां मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आगरा से दवाइयां लाकर भरतपुर के बयाना तहसील के खटनावाली गांव के सूखे कुएं में छिपाई गई थीं। मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले में सबसे बड़ा नाम दवाइयों के होलसेलर हिमांशु अग्रवाल का है। साल 2025 में भी हिमांशु को नकली दवाओं के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुडुचेरी में नकली दवाओं का रैकेट भी पकड़ा गया था। हिमांशु ने यूपी में नकली दवाओं को लेकर गिरफ्तार नहीं करने की एवज में एक करोड़ की रिश्वत देने की भी कोशिश की थी। जांच में सामने आया है कि यूपी में नकली दवाओं पर की जा रही सख्ती से बचने के लिए उसने राजस्थान में दवाई छुपाई थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले जानते हैं क्या है मामला भरतपुर के बयाना के खटनावाली गांव के सूखे कुएं से दवाइयों के 274 कार्टन मिले थे, जिनकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए है। इनमें मुख्य रूप से हृदय रोग, डायबिटीज और एलर्जी से संबंधित लोसार-50, जानुमेट, केटोरोल-एम, एलेग्रा-एम और जालरा जैसी दवाइयां शामिल हैं। दवाइयां मिलने के बाद उनकी वास्तविकता, क्वालिटी, बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी डेट आदि की जांच शुरू कर दी गई है। इस तरह सामने आया यूपी कनेक्शन सूखे कुएं से दवाइयां मिलने के बाद ड्रग डिपार्टमेंट ने मामले की सूचना औषधि नियंत्रक उत्तर प्रदेश, औषधि निरीक्षक आगरा और संबंधित निर्माता कंपनियों से शेयर की। राजस्थान ड्रग डिपार्टमेंट की सूचना पर यूपी ड्रग डिपार्टमेंट ने जांच की तो आगरा के मलपुरा क्षेत्र में एक बाडे़ से भारी मात्रा में दवाओं का भंडार मिला। दवाइयों को डीजल से जलाने का भी वीडियो इसके बाद यूपी ड्रग डिपार्टमेंट ने दवाइयां जब्त करते हुए मलपुरा थाने में संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इन दवाओं के स्टोरेज और खरीदने-बेचने से संबंधित कोई लाइसेंस नहीं मिला था। मामले में गिरफ्तार सलुआ ऊर्फ मुकीम नाम के शख्स के मोबाइल फोन से कुछ वीडियो भी मिले हैं। 27 सितंबर की रात के वीडियो में एक नदी के किराने दवाओं के ऊपर डीजल डालकर जलाने के वीडियो शामिल हैं। इस पूरे मामले में अब तक होलसेलर हिमांशु अग्रवाल, इकरार, शामिन, सलुआ, आशीष को गिरफ्तार किया गया है। हिमांशु के पिता के नाम से मेडिकल स्टोर का लाइसेंस इस मामले में यूपी पुलिस ने हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है। हिमांशु के खिलाफ पहले भी यूपी में एफआईआर दर्ज है। हिमांशु के पिता के नाम से पहले मेडिकल का लाइसेंस था। ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार नकली दवाओं को लेकर हिमांशु पहले भी यूपी में गिरफ्तार हो चुका है। उस वक्त जांच में सामने आया था कि हिमांशु पुडुचेरी में नकली दवाइयां सप्लाई करता था। पिछले साल नकली दवाओं के कारोबार के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए एक करोड़ की रिश्वत देने के आरोप में जेल भेजा गया था। दिसंबर में जेल से छूटने के बाद फिर से इस खेल में शामिल हो गया। भरतपुर के सूखे कुएं में क्यों छिपाई दवाइयां? इन दवाओं को भरतपुर जिले के बयाना तहसील के खटनावाली गांव में एक सूखे कुएं में क्यों छिपाया? आगरा से आने वाले ट्रक ड्राइवर को कैसे पता चला कि इस गांव में सूखा कुआं है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिस कुएं में दवाएं छिपाई गई, उसका उस इलाके में रहने वाले एक मेडिकल स्टोर से कुछ कनेक्शन हो सकता है। एक्सपायरी डेट की दवाओं को लेकर भी की जा रही है जांच सूखे कुएं से एक्सपायरी दवाएं भी मिली है। जांच की जा रही है कि डेट बदलकर दोबारा बेचने का मकसद तो नहीं था? ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार एक्सपायरी दवाओं को निर्माता कंपनी को वापस लौटने पर पूरा क्लेम मिलता है। ऐसे में आशंका है कि एक्सपायरी दवाओं को लौटा कर क्लेम ले लिया गया हो। फिर इन दवाओं को चुराकर फिर से बाजार में बेचने के लिए एक्सपायरी डेट मिटाने की तैयारी हो।
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राजस्थान- कुएं में छुपाई 5 करोड़ की दवाइयां:मास्टरमाइंड गिरफ्तार, पहले ऑफर कर चुका है 1 करोड़ की रिश्वत
