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शहर के वार्डों में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और गुणवत्ता को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। महापौर संजय पांडेय ने MIC की बैठक कक्ष में अधिकारियों के साथ वार्डवार विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी काम तय समय-सीमा में पूरे होने चाहिए। महापौर ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केवल कागजों में काम की प्रगति नहीं दिखनी चाहिए, बल्कि निर्माण कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए। संबंधित अधिकारी नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि ठेकेदार निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही काम करें। धीमे कामों को प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश समीक्षा के दौरान वार्डों में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया। महापौर ने कहा कि जिन कार्यों की रफ्तार धीमी है, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर और लंबे समय तक टिकाऊ सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में होने वाले विकास कार्य सीधे तौर पर लोगों की रोजमर्रा की सुविधाओं से जुड़े हैं। ऐसे में किसी भी काम में देरी का असर सीधे जनता पर पड़ता है। अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर काम की नियमित मॉनिटरिंग करने और सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए। पार्षदों से वार्डों की स्थिति की जानकारी ली बैठक में MIC सदस्यों और पार्षदों से उनके वार्डों में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई। वार्ड स्तर पर निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं और काम की प्रगति को लेकर चर्चा की गई। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों से मिलने वाले फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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महापौर संजय पांडेय ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश:वार्डवार विकास कार्यों की समीक्षा, धीमे कामों को प्राथमिकता से पूरा कराने कहा, लापरवाही मिलने पर तय होगी जवाबदेही
