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हाईकोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु ने पुलिस अफसरों के ट्रांसफर पोस्टिंग आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले में राज्य शासन सहित अन्य से जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी। बता दें कि एक महिला पुलिस अफसर ने वरिष्ठता सूची की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की है। दरअसल, राज्य शासन की ओर से 20 जुलाई को पुलिस अफसरों का ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश जारी किया गया है, जिसमें उन्हें एसपी और कमांडेंट का प्रभार दिया गया है। इस आदेश को लेकर सवाल उठ रहा है। सीनियर अफसर की अनदेखी और जूनियर अफसर को एसपी का प्रभार देने के आरोपों के बीच यह विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। एएसपी ऋचा मिश्रा ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका एडिशनल एसपी ऋचा मिश्रा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें कहा गया है कि एडिशनल एसपी की ग्रेडेशन लिस्ट में याचिकाकर्ता का नाम 35वें नंबर पर है। इसके बाद भी जूनियर अफसरों को एसपी और कमांडेंट का प्रभार दे दिया गया है। वरिष्ठता सूची की अनदेखी करने का आरोप
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता ऋचा मिश्रा के सीनियर होते हुए जूनियर अफसरों का नाम लिस्ट में हैं। जबकि सीनियर होने के बावजूद ऋचा मिश्रा को डिप्टी कमांडेंट के पद पर पोस्टेड कर दिया गया है। याचिका में राज्य सरकार के 14 जुलाई 2014 के सर्कुलर का हवाला दिया गया, जिसमें स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी सीनियर अधिकारी को सुपरसीड कर जूनियर अफसर को उच्च पद का प्रभार नहीं दिया जाएगा। 20 जुलाई को जारी आदेश पर लगी रोक
हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए 20 जुलाई 2026 को जारी आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार समेत अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
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पुलिस-अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश पर हाईकोर्ट की रोक:हाईकोर्ट पहुंचा ट्रांसफर-पोस्टिंग का विवाद, सीनियर एडिशनल एसपी की अनदेखी, जूनियर्स को बनाया एसपी-कमांडेंट, शासन से मांगा जवाब
