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पंजाब की चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ ‘कमल कौर भाभी’ की हत्या के मामले में बठिंडा की माननीय अदालत ने एक बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरॉन और उसके साथी रंजीत सिंह पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 103 के तहत हत्या के आरोप तय ( कर दिए हैं। इसके साथ ही यह हाई-प्रोफाइल मामला अब ट्रायल (गवाही) के चरण में प्रवेश कर गया है। आरोपियों के कानूनी वकील हरपिंदर सिंह सिद्धू ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस मर्डर केस में पहले गिरफ्तार किए गए दो अन्य सह-आरोपियों पर कोर्ट द्वारा आरोप पहले ही तय किए जा चुके थे। चूंकि मुख्य आरोपी अमृतपाल मेहरॉन और रंजीत सिंह को पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किया था, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत अब उन पर अलग से आरोप तय करने की यह कार्रवाई पूरी की गई है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर, 2026 की तारीख मुकर्रर की है, जिसमें गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जून 2025 में कार से मिला था शव उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर ‘कमल कौर भाभी’ के नाम से लाखों फॉलोअर्स के बीच लोकप्रिय कंचन कुमारी की हत्या का यह सनसनीखेज मामला जून 2025 में सामने आया था। बठिंडा में आदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी के पास खड़ी एक संदिग्ध कार से उनका शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हुआ था कि कंचन कुमारी की मौत गला घोंटे जाने के कारण दम घुटने से हुई थी। UAE से डिपोर्ट कर लाया गया था मुख्य आरोपी पुलिस तफ्तीश में सामने आया था कि वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरॉन पुलिस को चकमा देकर विदेश (यूएई) भाग गया था। पुलिस ने उसके दो मददगार साथियों को तो पहले ही दबोच लिया था, लेकिन अमृतपाल गिरफ्त से बाहर था। बाद में पंजाब पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे यूएई (UAE) से डिपोर्ट करवाया और भारत लाते ही बठिंडा में गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान एक अन्य आरोपी रंजीत सिंह की भूमिका भी उजागर हुई। रंजीत सिंह पर आरोप है कि उसने हत्या की वारदात के बाद मुख्य आरोपी अमृतपाल मेहरॉन को सुरक्षित अमृतसर एयरपोर्ट तक पहुँचाने और उसे फरार करवाने में मदद की थी। अब गवाही और सबूतों के आधार पर चलेगा केस बचाव पक्ष के वकील हरपिंदर सिंह सिद्धू ने स्पष्ट किया कि कोर्ट द्वारा सिर्फ आरोप तय किए गए हैं, जिसका मतलब यह कतई नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। कानून के मुताबिक, अब 22 सितंबर से शुरू होने वाली अदालती कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और दोनों पक्षों की दलीलें व सबूत सुनने के बाद ही माननीय अदालत अपना अंतिम फैसला सुनाएगी।
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कमल कौर भाभी मर्डर केस: दो आरोपियों पर आरोप तय:अमृतपाल मेहरॉन व रंजीत सिंह की अलग-अलग गिरफ्तारी के कारण देरी, 22 सितंबर को सुनवाई
