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पहली बार डिजिटल तिजौरी नहीं खुली तो चोर खाली हाथ लौट गया। करीब 4 महीने बाद वही शख्स फिर उसी घर में पहुंचा, इस बार अकेला नहीं बल्कि हथियारबंद साथियों के साथ। 6 अगस्त की रात एडवोकेट बलवंत सिंह वालिया के सेक्टर-7 स्थित घर में करीब 3.15 करोड़ रुपए की डकैती इसी पुरानी चोरी की कड़ी से जुड़ी निकली। सीआईए-2 के इंचार्ज मनदीप सिंह के मुताबिक, वारदात का मास्टरमाइंड कमल था, जिसने 4 अगस्त से घर की दोबारा रेकी शुरू की और 6 अगस्त को साथियों के साथ धावा बोल दिया। कमल 20 मार्च को भी इसी घर में चोरी कर चुका था। उस समय वह दो डिजिटल तिजौरी नहीं खोल पाया था। फिर भी घर से करीब 50 लाख रुपए चुराकर ले गया था। चोरी से हुई घर की जानकारी चोरी के बाद कमल को घर के अंदर की काफी जानकारी हो गई थी। उसे पता था कि घर में कौन रहता है, अंदर जाने का रास्ता क्या है, बाहर निकलने के रास्ते कौन से हैं और किस समय घर में एक्टिविटी कम रहती हैं। फिर उसने दूसरी वारदात की तैयारी की। इसके लिए प्रॉपर प्लान बनाया। पुराने की बजाए नए साथी जोड़े इस बार उसने पुराने की बजाए नए साथी प्रिंस निवासी पानीपत, साहिल और अंश जैन उर्फ लाला निवासी सोनीपत समेत अन्य साथियों को अपने साथ लिया। ये सब एक-दूसरे के जानकार थे। पुलिस कमल समेत इन तीन बदमाशों को पकड़ चुकी है, जबकि 5वां आरोपी फरार चल रहा है। 6 अगस्त की रात घुसे एडवोकेट बलवंत सिंह वालिया ने शिकायत में बताया था कि वे 6 अगस्त की रात करीब साढ़े 9 बजे खाना खाने के बाद अपने पालतू कुत्ते को घुमाने के लिए घर से निकले थे। करीब 10 बजे लौटे तो घर के अंदर उनकी पत्नी सुषमा वालिया के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे और मुंह पर टेप लगी हुई थी। पिस्टल तानकर खुलवाई तिजौरी वे तुरंत उनके पास आए, तो पास खड़े एक बदमाश ने उनको धक्का दिया। इसके बाद घर के अंदर छिपे दो अन्य बदमाश भी सामने आ गए। उनकी बदमाशों के साथ हाथापाई भी हुई। इसी दौरान 2 बदमाशों ने पिस्टल तान दी। उन्हें डराकर घर की तिजौरी और डिजिटल लॉकर से सोने-चांदी के जेवर व कैश ले गए। दिल्ली से चंडीगढ़ तक खंगाली फुटेज पुलिस ने वारदात के बाद दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक के रास्ते में सीसीटीवी फुटेज देखी। इसी दौरान पुलिस को संदिग्ध कार की आवाजाही की कड़ियां मिलती गईं। जिस कार का इस्तेमाल वारदात में किया गया, उस पर नंबर भी नहीं था। यह कार करीब 3 महीने पहले ही आरोपियों में से एक के भाई के नाम खरीदी गई थी। ठिकाना बदलते रहे आरोपी वारदात के बाद बदमाश किसी एक ठिकाने पर ज्यादा देर नहीं रुके। लूट का सामान लेकर पंजाब तो कभी अंबाला की तरफ जाते रहे। पुलिस टीमें लगातार उनका पीछा कर रहीं। पुलिस जिस जगह पहुंचती, आरोपी उससे पहले वहां से निकल जाते। बाद में पुलिस ने उनको हरियाणा-पंजाब शंभु बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया।
तीन मोबाइल हुए थे गायब एडवोकेट वालिया के मुताबिक, बदमाश घर से 3 मोबाइल भी ले गए थे। बदमाशों ने एक मोबाइल तोड़ने और बाकी को छिपाने की बात कही थी। घटना के बाद करीब एक घंटे बाद घर में तलाश करने पर एक मोबाइल सोफे के नीचे मिला। दूसरा मोबाइल घर के बाहर टूटा हुआ मिला, जबकि तीसरे मोबाइल का पता नहीं चल पाया है। कमल पर 10 मामले चल रहे पुलिस के मुताबिक, कमल निवासी पानीपत के खिलाफ करीब 10 संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस इन आरोपियों से साढ़े 5 लाख रुपए बरामद कर चुकी है। हालांकि 5वें आरोपी की तलाश जारी है। आरोपी की पहचान हो चुकी है, लेकिन उसे डिस्क्लॉज नहीं किया गया। पुलिस इस आरोपी समेत पकड़े गए आरोपियों की कुंडली खंगाल रही है। पहली कार्रवाई से रुक जाती दूसरी वारदात जिला बार एसोसिएशन के प्रधान धर्मेंद्र अत्री ने कहा कि बलवंत वालिया के घर पहले चोरी हुई थी। अगर पुलिस उस मामले को ट्रेस करती, तो दूसरी वारदात को रोका जा सकता था। आरोप लगाया कि पुलिस ने उस वारदात को ज्यादा सीरियस नहीं लिया। इस कारण दूसरी वारदात हुई। एसपी, SHO समेत इंचार्ज के ट्रांसफर की मांग घटना से गुस्साए बार एसोसिएशन ने एसपी चंद्र मोहन, थाना सिटी थानेसर और सेक्टर-7 चौकी इंचार्ज के ट्रांसफर की मांग रखी। वारदात के बाद वालिया परिवार काफी डरा हुआ है। परिवार ने कुरुक्षेत्र छोड़कर जाने का मन बना लिया था। अगर उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो अगली रणनीति बनाएंगे। वे मामले को लेकर CM से बातचीत करेंगे।
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चोरी में लॉकर नहीं खुला, चार महीने बाद डाला डाका:तीन दिन रेकी के बाद वारदात, नए साथी जोड़े; कुरुक्षेत्र ₹3.15 करोड़ लूट केस
