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मशहूर पंजाबी गायक रणजीत बावा मंगलवार को सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए। उन्होंने श्री दरबार साहिब में माथा टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया और अपने आगामी प्रोजेक्ट्स की सफलता व सरबत के भले (सभी के कल्याण) के लिए अरदास की। रणजीत बावा ने गुरु घर के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट करते हुए कहा कि उनके जीवन में जब भी कोई नया प्रोजेक्ट शुरू होता है या कोई काम सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो वे गुरु महाराज का शुक्राना करने के लिए श्री हरिमंदिर साहिब अवश्य पहुंचते हैं। उन्होंने कहा: यह मेरे लिए केवल कोई धार्मिक रस्म नहीं है, बल्कि यह मेरी अटूट आस्था और गुरु के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का जरिया है। आज मैं जो कुछ भी हूं और मुझे लोगों का जो प्यार मिल रहा है, वह सब गुरु महाराज की अपार कृपा का ही फल है।” आध्यात्मिक माहौल में बिताया समय, प्रशंसकों से की मुलाकात श्री दरबार साहिब में माथा टेकने के बाद रणजीत बावा ने परिसर में कुछ समय बिताया। उन्होंने गुरु घर की मर्यादा का पालन करते हुए शांतिपूर्वक बैठकर गुरबाणी का श्रवण किया और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया। इस दौरान जब वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और उनके प्रशंसकों को गायक की उपस्थिति का पता चला, तो उन्होंने रणजीत बावा के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। “सफलता के बीच अपनी जड़ों को न भूलें” पंजाबी संगीत जगत में अपनी साफ-सुथरी और बेमिसाल गायकी के लिए देश-विदेश में खास पहचान रखने वाले रणजीत बावा ने युवाओं के लिए एक संदेश भी दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी सफलता मिल जाए, इंसान को कभी भी अपनी जड़ों, संस्कृति और गुरु के प्रति आस्था को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु घर से मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा ही उन्हें हमेशा कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा देती है।
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रणजीत बावा श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए:हर प्रोजेक्ट की शुरुआत और समाप्ति पर गुरु घर में करते हैं शुक्राना
