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सरगुजा जिले के खमरिया के गर्वमेंट गर्ल्स हास्टल की छात्राओं ने सुरक्षा गार्ड पर मालिश एवं निजी काम कराने का आरोप लगाया है। जिला पंचायत सदस्य राधा रवि जब हॉस्टल पहुंची तो अपना छात्राएं रोने लगीं। मामला सामने आने के बाद आदिवासी विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। ट्रायबल एसई ने मामले में जांच का आदेश दिया है। जानकारी के मुताबिक, जिला पंचायत सदस्य राधा रवि अचानक खमरिया स्थित गर्ल्स हॉस्टल पहुंचीं और छात्राओं से बात की। छात्रावास में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर भोजन, रहने की व्यवस्था और पढ़ाई से संबंधित जानकारी ली। रोने लगी छात्राएं, महिला गार्ड की शिकायत की हॉस्टल की छात्राओं ने जिला पंचायत सदस्य को बताया कि गार्ड उनसे अपनी वर्दी धुलवाती हैं। वह रात में सोने से पहले उनसे मालिश कराती है। छात्राओं ने बताया कि काम करने से मना करने पर उन्हें दूसरे कमरे में बंद करने और छात्रावास से बाहर निकलवाने की धमकी देती है। छात्राओं ने कहा कि डर के कारण उन्हें गार्ड की बात माननी पड़ती है। गार्ड की शिकायत करते हुए कई छात्राएं भावुक होकर रोने लगीं। जिला पंचायत सदस्य ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है। वे मन लगाकर पढ़ाई करें। ट्राइबल AC ने दिए जांच के निर्देश जिला पंचायत सदस्य राधा रवि ने मामले की शिकायत आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला से की। सहायक आयुक्त ने तत्काल मंडल संयोजक नवीन कुमार कश्यप को जांच का निर्देश दिया। जिला पंचायत सदस्य ने भी कहा कि बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राएं पढ़ाई और सुरक्षित वातावरण के लिए हैं। किसी कर्मचारी द्वारा उनसे निजी काम करवाना पूरी तरह अनुचित है। संबंधित गार्ड को तत्काल छात्रावास से हटाने के साथ नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। मंडल संयोजक ने दर्ज किया बयान खमरिया के प्री मैट्रिक गर्ल्स हॉस्टल में छठवीं से दसवीं तक पढ़ने वाली 80 से अधिक छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। इनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं की है। छात्राओं ने बताया कि रात में पढ़ाई के समय निजी काम कराने से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है। AC ट्राइबल ललित शुक्ला के निर्देश पर मंडल संयोजक नवीन कुमार कश्यप छात्रावास पहुंचे और शिकायत करने वाली छात्राओं का बयान दर्ज किया। मंडल संयोजक ने जांच प्रतिवेदन सहायक आयुक्त को भेज दिया है। होमगार्ड को सुरक्षा का जिम्मा, मंडल संयोजकों के भरोसे हॉस्टल बताया गया है कि हॉस्टलों में सुरक्षा के लिए होमगार्ड से सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है। हॉस्टलों के संचालन की जिम्मेदारी मंडल संयोजकों की है। इसमें स्कूल के प्रिंसिपल का सीधे कोई हस्तक्षेप नहीं होता। इस व्यवस्था के चलते हॉस्टलों में कर्मचारी मनमानी करते हैं। इससे पहले रघुनाथपुर में निजी मिशन स्कूल की छात्राएं अधीक्षक की शिकायत करने पैदल ही अंबिकापुर कलेक्टर से मिलने के लिए निकल गई थीं। रास्ते में उन्हें रोककर वापस किया गया। छात्राओं की मांग पर वार्डन को हटा दिया गया है।
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गर्ल्स हॉस्टल की गार्ड कराती है मालिश, धुलवाती है वर्दी:जिला पंचायत सदस्य को रोते हुए छात्राओं ने की शिकायत, जांच में पहुंचे मंडल संयोजक
