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चंडीगढ़ में ड्रंकन ड्राइव के नाके पर रविवार रात फारच्यूनर सवार तीन युवकों ने जमकर हंगामा किया थीा। इस दौरान वह नशे में टली थी। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर अदालत में पेश किया था। जिसमें कोर्ट के बाद कोर्ट ने आरोपी युवको का दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया, तीन महीने के लाइसेंस सस्पेंड और चार दिन तक रोजाना दो घंटे चौहरों पर ट्रैफिक पुलिस के साथ ट्रैफिक संभालने के ाअदेश दिए थे। आज युवक सेक्टर सेक्टर-16 मटका चौक पर पहुंचे थे । इनहेंने हााथ में बैनर लिए हुए थे। जिस पर लिखा हुआ था डोंट ड्रिक एंड डाइव । हालांकि वह इस दौरान जींस और शर्ट पहनकर पहुंचे थे। जैसे मीडियो को पता चला तो काफी लोग वहां पर पहुंच गए। हमने ड्रिंक की थी, यह तो फारमेल्टी है युवक ने बताया, “हमने ड्रिंक की हुई थी। हमें नाके पर रोका गया था। वहीं यह सब हुआ। बाकी आपको पता ही है कि कानूनी औपचारिकताएं होती हैं।” जब उससे पूछा गया कि अदालत ने उसे सजा भी सुनाई है और उसके हाथ में जो तख्ती है, उस पर डॉट ड्रिंक एंड ड्राइव लिखा है, इस पर वह क्या कहना चाहेगा? इस पर युवक ने कहा, “मैं यही कहना चाहूंगा कि ड्रिंक करके ड्राइव नहीं करनी चाहिए। इससे सिर्फ दूसरों का ही नहीं, अपना भी नुकसान हो सकता है। हम भी लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं । युवकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए अन्य लोगों को संदेश दिया है कि शराब पीकर गाड़ी नहीं चलानी चाहिए क्योंकि इससे दूसरों का और खुद का भी नुकसान होता है। उन्होंने इस घटना को केवल एक औपचारिकता (फॉर्मेलिटी) है।
ड्रंकन ड्राइव नाके पर रोकी फॉर्च्यूनर बीते रविवार आधी रात सेक्टर-34/35 की डिवाइडिंग रोड पर लगे ड्रंकन ड्राइव नाके पर पुलिस ने फॉर्च्यूनर को जांच के लिए रोका। गाड़ी में तीन युवक सवार थे। इनमें से दो युवक शराब के नशे में थे और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। कभी चालान काटने, कभी गाड़ी इम्पाउंड करने और कभी वीडियो बनाने को लेकर वे पुलिसकर्मियों से बहस करते रहे। मौके पर मौजूद महिला मार्शल सुखजीत कौर समेत अन्य पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए। करीब तीन घंटे तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। इसके बाद सेक्टर-36 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम के आने के बाद भी दोनों युवक नहीं माने और पुलिस की गाड़ी में बैठने को लेकर भी बहस करने लगे। पुलिस ने दोनों को सीआरपीसी की धारा 107/151 के तहत गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर दिया। आरोपियों की पहचान समराला (लुधियाना) निवासी गौरव अरोड़ा और लवजोत सिंह गौसल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार लवजोत गाड़ी चला रहा था और उसके शरीर में शराब की मात्रा 238 एमजी पाई गई। तीसरा युवक नशे में नहीं था और उसने पुलिस से सामान्य तरीके से बात की। जज ने वीडियो देख जताई नाराजगी दोनों आरोपी अपनी इम्पाउंड गाड़ी छुड़वाने के लिए सीजेएम कोर्ट पहुंचे। ट्रैफिक पुलिस की महिला मार्शल सुखजीत कौर भी कोर्ट में मौजूद रहीं। उन्होंने रात 10 बजे से सुबह 3 बजे तक हुई पूरी घटना की वीडियो अदालत में दिखाई। वीडियो देखने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और उन्हें फटकार लगाई। अदालत ने दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और उनके ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित करने के आदेश दिए।
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चंडीगढ़ में नाके पर बवाल करने वालों ने संभाला ट्रैफिक:चंडीगढ़ कोर्ट ने सुनाई थी सजा, चार दिन दो दो घंटे चौराहों पर खड़े रहेंगे
