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नूंह के लघु सचिवालय के बेसमेंट में बारिश का पानी पांच दिन बाद भी जमा है। यह स्थिति जिले की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन के अपने ही प्रमुख कार्यालय परिसर में जलभराव से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम दिख रही है। लघु सचिवालय जिले का मुख्य प्रशासनिक केंद्र है, जहां वरिष्ठ अधिकारी बैठकर जिले की व्यवस्थाओं की निगरानी करते हैं। इस सरकारी इमारत के बेसमेंट में लगातार पांच दिनों से पानी भरा रहना, प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है। प्रशासन जहां बरसात में जलभराव से निपटने की तैयारियों के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं सरकारी कार्यालय परिसर में ही पानी की निकासी न हो पाना इन दावों की हकीकत बयां करता है। यह स्थिति उन गांवों और कस्बों की समस्या की गंभीरता को दर्शाती है, जहां जलभराव एक बड़ी चुनौती है। एडीसी ने ड्रेनेज सिस्टम में खामियों को स्वीकारा इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ज्योति ने नूंह के ड्रेनेज नेटवर्क में खामियों को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पानी की निकासी के लिए उचित ढलान (ग्रेडियंट) का अभाव है। पर्याप्त ढलान न होने के कारण पानी एक जगह से दूसरी जगह नहीं जा पाता और जमा हो जाता है। एडीसी ने जानकारी दी कि मॉडल संस्कृति स्कूल से टी-पॉइंट तक के क्षेत्र का निरीक्षण किया गया था। वहां भी ऐसे कई हिस्से पाए गए जहां एक जगह जमीन सूखी थी, जबकि थोड़ी दूरी पर पानी जमा था। अधिकारियों के मुताबिक, यह समस्या भी ड्रेनेज में सही ग्रेडियंट की कमी के कारण उत्पन्न हो रही है। अतिरिक्त उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि जिन स्थानों पर सामान्य तरीके से पानी की निकासी संभव नहीं होगी, वहां पंप लगाकर पानी बाहर निकालने की व्यवस्था की जाएगी।
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नूंह सचिवालय में बेसमेंट में भरा पानी:5 दिन बाद भी नहीं हुई निकासी, जलभराव से ड्रेनेज व्यवस्था पर उठे सवाल
