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निकायों के 10,245 वार्डों में से 6123 वार्ड सबके:OBC को वार्डों में भी पूरा 21% आरक्षण नहीं, इस बार 3356 महिला पार्षद बनेंगी; 17 को लॉटरी




राजस्थान के 309 शहरी निकायों के 10,245 वार्डों में 17 अगस्त को आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। हर निकाय में एससी, एसटी, ओबीसी और अनारक्षित वार्ड तय करने के लिए लॉटरी से फैसला होगा। वार्डों की लॉटरी स्थानीय स्तर पर होगी। इस बार प्रदेश के निकायों में 3356 महिला पार्षद बनेंगी। हर कैटेगरी में 33 फीसदी वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। निकायों के 10,245 वार्डों में से 6123 वार्ड अनारक्षित रहेंगे। ओबीसी के लिए 1933 वार्ड, एससी के 1794 वार्ड, एसटी के लिए 395 वार्ड आरक्षित होंगे। हर निकाय में प्रत्येक कैटेगरी में 33 फीसदी वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। ओबीसी को वार्डों में भी 21 प्रतिशत आरक्षण नहीं, वार्डों में 18.86 प्रतिशत आरक्षण ओबीसी को वार्डों में भी पूरा 21 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिला है। 10,245 वार्ड में से 1933 वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस तरह ओबीसी को 18.86 फीसदी आरक्षण मिला है। ओबीसी के नेता निकाय प्रमुखों और जिला प्रमुखाों में ओबीसी को कम आरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं। अब वार्डों में भी विवाद के आसार हैं। अजमेर संभाग में 19.70%, बीकानेर संभाग में 18.57%, जयपुर संभााग में 18.55%, भरतपुर में 18.03%, जोधपुर में 18.94%, कोटा में 18.82%, उदयपुर संभाग में 19.66% आरक्षण मिला है। 59.76% वार्ड अनारक्षित, एससी को 17.51 प्रतिशत वार्ड आरक्षित, एसटी के 3.57 प्रतिशत वार्ड प्रदेश के 309 निकायों में 59.76% वार्ड अनारक्षित हैं। एससी के 17.51 प्रतिशत वार्ड और एसटी के लिए 3.57 प्रतिशत वार्ड आरक्षित हैं। ओबीसी के लिए 18.86% वार्ड आरक्षित हैं। अनारक्षित वर्ग के लिए सबसे ज्यादा वार्ड, इनसे कोई भी चुनाव लड़ सकेगा प्रदेश के निकायों में अनारक्षित वार्ड सबसे ज्यादा हैं। 10245 में से 6,123 पार्षद अनारक्षित वार्डों से होंगे। सबसे ज्यादा महिला पार्षद भी अनारक्षित वाडों से ही बनेंगी। अनारक्षित ओपन वार्डों से सामान्य वर्ग सहित किसी भी कैटेगरी का व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है। अनारक्षित महिला वार्ड से किसी भी वर्ग की महिला चुनाव लड़ सकती है। वार्डों में भी ओबीसी आरक्षण पर सियासी विवाद के आसार ओबीसी आरक्षण का फैसला ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर किया गया है। आरक्षण तय करते हुए ओबीसी आयोग की सिफारिशों का हवाला दिया गया है। अब विपक्षी कांग्रेस और ओबीसी वर्ग के कई नेता ओबीसी आयोग के साथ सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।



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