![]()
पाली जिले के सादड़ी स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। पाली जिला प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में आयोजित शिविर में क्षेत्र के 51 लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए अपना योगदान दिया। स्वास्थ्य जांच के बाद हुआ रक्त संग्रह शिविर में सुबह से ही रक्तदाताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। रक्तदान से पहले सभी रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच की गई। इसके बाद चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार रक्त संग्रह किया गया। शिविर में युवाओं के साथ क्षेत्र के अन्य नागरिकों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। रक्तदाताओं ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान किया। प्रभारी डॉक्टर ने बताया सबसे बड़ा सामाजिक योगदान सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेंद्र पुनमिया ने रक्तदान को सबसे बड़ा सामाजिक योगदान बताया। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध होना कई बार जीवन बचाने वाला साबित होता है। डॉ. पुनमिया ने शिविर में रक्तदान करने वाले सभी 51 लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि रक्तदाताओं का यह सहयोग भविष्य में उपचार के दौरान जरूरतमंद मरीजों के लिए उपयोगी साबित होगा। ये डोनर मरीजों के लिए देवदूत से कम नहीं है। दुर्घटना और प्रसव के मामलों में होती है रक्त की जरूरत वरिष्ठ सर्जन डॉ. मीता बाबेल पुनमिया ने कहा कि अस्पतालों में दुर्घटना, प्रसव और गंभीर बीमारियों के उपचार के दौरान रक्त की लगातार आवश्यकता रहती है। उन्होंने आमजन से रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया और शिविर में लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की। बीसीएमओ डॉ. अविनाश चारण ने सादड़ी में 51 लोगों के रक्तदान को अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी रक्तदान के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है। डॉ. चारण ने सभी रक्तदाताओं के साथ शिविर के आयोजन में सहयोग करने वाली टीम का भी आभार व्यक्त किया। चिकित्सा विभाग ने रक्तदान करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। शिविर में रक्तदान के साथ लोगों को दूसरों को भी इस सामाजिक कार्य के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
Source link
सादड़ी में 51 लोगों ने किया रक्तदान:स्वैच्छिक ब्लड डोनेशन के लिए आए युवा, प्रभारी डॉक्टर बोले- मरीजों के लिए ऐसे डोनर देवदूत से कम नहीं
