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India T20 Team Performance Analysis; Captaincy Change


इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया 125 रन से हार गई। टी-20 में ये भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछले महीने आयरलैंड भी भारत को 2-0 से सीरीज हरा चुकी है। मार्च में टी-20 वर्ल्ड चैम्पियन बनने के बाद टीम इंडिया ने 5 मैच खेले, कोई नहीं जीता।

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आखिर जीत के ट्रैक पर दौड़ लगाती टीम इंडिया की गाड़ी 110 दिनों में बेपटरी कैसे हो गई; 5 बड़े फैक्टर्स…

  • मार्च 2026 में टीम इंडिया टी-20 वर्ल्डकप जीती। तब सूर्यकुमार यादव कप्तान थे, लेकिन आयरलैंड सीरीज से पहले सूर्या को हटाकर श्रेयस अय्यर को कमान सौंपी गई। सूर्या को टीम में भी जगह नहीं मिली। कहा गया ये बदलाव आगे की तैयारी के लिए किया गया है।
  • श्रेयस अय्यर ने ढाई साल से ज्यादा समय तक टी-20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला था। जबकि भारतीय क्रिकेट में अक्सर ये देखा गया है कि कप्तान वही बनता है, जो लंबे समय से टीम का हिस्सा हो या फिर उपकप्तान की भूमिका निभा रहा हो।
  • टी-20 वर्ल्ड कप तक टीम के उपकप्तान अक्षर पटेल थे। हार्दिक पंड्या, शुभमन गिल, तिलक वर्मा, संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी लंबे समय से टी-20 टीम का हिस्सा रहे हैं। सिलेक्टर्स और कोच ने इनमें से किसी पर भरोसा नहीं जताया।
7 जुलाई के मैच में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। उनकी कप्तानी में 5 मैच हुए, टीम एक अदद जीत को तरस गई। (Photo: AFP)

7 जुलाई के मैच में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। उनकी कप्तानी में 5 मैच हुए, टीम एक अदद जीत को तरस गई। (Photo: AFP)

  • पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन और कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने अचानक श्रेयस को कप्तान बनाने के फैसले की आलोचना की। आउटलुक की रिपोर्ट में लिखा गया कि सूर्यकुमार की जगह अय्यर को लाने से टीम की स्थिरता बिगड़ गई। जो टीम जीत रही थी, उस पर नया स्ट्रक्चर थोपना एक जोखिम भरा कदम था। इसका असर ड्रेसिंग रुम के माहौल और खिलाड़ियों की मानसिकता पर भी पड़ा।
  • श्रेयस के साथ ये भी चुनौती रही कि बाकी खिलाड़ियों को टीम के नए कप्तान के साथ समय बिताने, रणनीति समझने और तालमेल बनाने का मौका ही नहीं मिला। अफगानिस्तान सीरीज खत्म होते ही टीम सीधे आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के लिए रवाना हो गई।
  • इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया के 76 पर ऑलआउट होने के बाद श्रेयस ने कहा, ‘मुझे लगता है ये काफी खराब था। ईमानदारी से कहूं तो इससे बेहतर शब्द नहीं मिल रहा। इतने बड़े अंतर से हारना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। हमने बेहद खराब क्रिकेट खेला है। हर खिलाड़ी को खुद सोचना होगा और ये जिम्मेदारी लेनी होगी।’
  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 237 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप हासिल की। इससे सिलेक्टर्स पर उन्हें टीम इंडिया में शामिल करने का दबाव बना। आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में वैभव को शामिल नहीं किया गया, तो लगातार ये सवाल उठा कि वैभव को मौका क्यों नहीं दिया जा रहा।
  • स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट सिद्धार्थ मोंगा ने लिखा, ‘सूर्यवंशी को चुनना, किसी और के साथ अन्याय होगा और ये ठीक है। अभिषेक, सैमसन या किशन को ये समझना होगा। देर-सबेर उन्हें अपनी जगह बनानी ही होगी। सूर्यवंशी फिट हैं और अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं, तो इन खिलाड़ियों के लिए उनके रास्ते में आने से बचने का यही सही समय है।’
  • इस इन-सिक्योरिटी का दबाव टीम के सीनियर खिलाड़ी- अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन और तिलक पर बना। बेहतर परफॉरमेंस के दबाव में एक्स्ट्रा एफर्ट्स के चलते इनका खेल और भी बिगड़ गया।
वैभव सूर्यवंशी ने 2 मैच खेले हैं। पहले मैच में 14 रन और दूसरे मैच में महज 13 रन बनाकर आउट हो गए। (Photo: AFP)

वैभव सूर्यवंशी ने 2 मैच खेले हैं। पहले मैच में 14 रन और दूसरे मैच में महज 13 रन बनाकर आउट हो गए। (Photo: AFP)

  • संजू टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। नॉकआउट में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 और सेमीफाइनल में 89 रन ठोके, लेकिन आयरलैंड में दोनों मैच मिलाकर सिर्फ 5 रन, फिर इंग्लैंड के पहले टी-20 में सिर्फ 1 रन बना पाए। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 में वैभव को शामिल करने के लिए संजू को बाहर बैठाया गया।
  • इस मैच में अभिषेक शर्मा और वैभव की एक दिलचस्प बातचीत स्टंप माइक पर रिकॉर्ड हुई। अभिषेक ने वैभव से पूछा, ‘सामने जाएगी (गेंद) कि पीछे मारूं, क्या लगता है?’ वैभव ने जवाब दिया, ‘देख लो, डबल बाउंस हो रहा है।’ कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अभिषेक कुछ एक्स्ट्रा करने की कोशिश करते दिखे। हालांकि बाद में अभिषेक ने कहा कि वैभव भी बहुत सवाल पूछते हैं उनमें सीखने की काफी चाहत है।
  • सूर्यकुमार ने IPL की 22 पारियों में सिर्फ 512 रन बनाए। टी-20 टीम की कप्तानी जाने की एक वजह ये भी मानी जा रही। उनकी जगह आए श्रेयस IPL 2026 की 13 पारियों में 498 रन बनाए। लेकिन बतौर पंजाब कप्तान आखिरी के 7 में से 6 मैच हार गए।
  • इसके ऊपर इंटरनेशनल क्रिकेट में 30 महीने का गैप। नया फॉर्मेट और लीडरशिप संभालने का काम एक साथ करना था। अपनी परफॉरमेंस और कप्तानी का बोझ, टीम के मैनेजमेंट में गैप, ये उनके बयानों में भी दिखा। उन्होंने कहा था, मुझे अपनी पर्सनैलिटी नहीं बदलनी, मुझे वही इंसान बने रहना है जो पहले था, किसी की परछाई में नहीं रहना। लोगों ने इसे गौतम गंभीर पर निशाना माना।
  • इंग्लैंड से दूसरी हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी अय्यर ने कहा, ‘हम सब जानते हैं कि मैच कहां से हाथ से निकला, लेकिन मैं किसी एक खिलाड़ी का नाम नहीं लूंगा। इस बयान को रवि बिश्नोई की महंगी गेंदबाजी से जोड़ा गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर श्रेयस को नॉन-प्रोफेशनल कप्तान कहा। ये भी कहा गया कि जिम्मेदारी और आलोचना खुद कप्तान को झेलनी चाहिए, दूसरों पर टालनी नहीं चाहिए।
7 जुलाई के मैच के बाद गौतम गंभीर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि विकेटकीपर बैटर संजू सैमसन की वापसी के दरवाजे अभी बंद नहीं हैं।

7 जुलाई के मैच के बाद गौतम गंभीर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि विकेटकीपर बैटर संजू सैमसन की वापसी के दरवाजे अभी बंद नहीं हैं।

  • पूर्व चयनकर्ता और क्रिकेट कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने अय्यर को कप्तान बनाए जाने को सुविधाजनक सिलेक्शन बताते हुए कहा कि उनकी जगह जसप्रीत बुमराह या शुभमन गिल बेहतर विकल्प होते।
  • इसके अलावा श्रेयस पर एक प्रेशर और है- जून की शुरुआत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजित अगरकर ने संकेत दिया था कि श्रेयस 2028 ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड-कप तक कप्तान रहेंगे। लेकिन 26 जून को आयरलैंड के खिलाफ मैच से पहले ही ये खबरें आईं कि चयन समिति श्रेयस को अस्थायी कप्तान के बतौर देख रही है। वह सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों तक ही टीम की अगुवाई करेंगे। हालांकि इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
  • पूर्व विकेटकीपर दिनेश कार्तिक कहते हैं, ‘श्रेयस को पता है कि वे बड़े दबाव वाले दौर में हैं। 5 मैच हो चुके, एक बारिश में धुल गया, बाकी अच्छे नहीं गए। लेकिन यही मौका है जब उन्हें लीडर के तौर पर खड़ा होना है।’
  • IPL 2026, 31 मई को खत्म हुआ। तुरंत बाद 5 जून से भारत-अफगानिस्तान सीरीज शुरु हो गई। भारत ने 1 टेस्ट और 3 वनडे मैच खेले। फिर 26-28 जून को आयरलैंड में दो टी-20 मैच और 1 जुलाई से भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर है।
  • आयरलैंड गई टीम में से 4 खिलाड़ी IPL प्लेऑफ तक खेलकर सीधे पहुंचे थे, बाकी ने भी पूरा सीजन खेला। स्क्वॉड के 7 खिलाड़ी वर्ल्ड कप में भी खेल चुके हैं। यानी महीनों से टीम को आराम का मौका ही नहीं मिला।
  • अब अगले 15-18 महीने भारतीय टीम का शेड्यूल पूरी तरह पैक्ड है। खिलाड़ियों को लगातार लंबे सफर और अलग-अलग फॉर्मेट के हिसाब से मानसिक और फिजिकली तौर पर तैयार रहना है।
  • ये प्रेशर खिलाड़ियों की फिटनेस पर दिख रहा है। मसलन- इंग्लैंड में तीसरे टी-20 मैच से पहले खुद कप्तान श्रेयस अय्यर और संजू सैमसन टीम के साथ प्रैक्टिस सेशन के लिए नहीं पहुंचे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रेयस को पिछले मैच में फील्डिंग के दौरान चोट लगी और वो पूरी तरह फिट नहीं थे।
  • श्रेयस ने टी-20 में वापसी के बाद पिछले 5 मैचों में 3, 10, 68, 37 और 5 रन बनाए हैं। जबकि जसप्रीत बुमराह तो पूरे टी-20 सीरीज से बाहर हैं। हर्षित राणा चोट से रिकवर होकर आए हैं। हार्डिक और रेड्डी जैसे ऑलराउंडर बाहर हैं।
  • 6 जुलाई को टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने कहा, ‘अभी टीम ट्रांजिशन के दौर से गुजर रही है। कप्तान बदला है, कुछ प्रमुख खिलाड़ी चोटिल या रेस्ट पर हैं। इसलिए हम नए चेहरों को आजमा रहे हैं। हार्दिक और नीतीश रेड्डी की गैरमौजूदगी में टीम को संतुलन बनाने में थोड़ी मुश्किल हो रही है।’
  • हालांकि कोटक का ये भी कहना है कि सिर्फ दो-तीन मैच हारने से पूरी टीम की क्षमता और रणनीति पर सवाल उठाना सही नहीं होगा।
  • 2019 में लोअर बैक सर्जरी के बाद से हार्दिक पंड्या का बोलिंग वर्कलोड बेहद सावधानी से मैनेज किया जाता रहा है।
  • जनवरी 2026 में BCCI ने साफ कर दिया था कि 2027 के वन-डे वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे, नामीबिया की तेज-उछाल भरी पिचों पर गेंदबाजी से पहले हार्दिक को साबित करना होगा कि वे नियमित रूप से पूरे 10 ओवर गेंदबाजी कर सकते हैं।
  • इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैचों में न खेलने के बाद हार्दिक ने सिलेक्टर्स के साथ खुलकर बातचीत की थी। तब BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि पांड्या को इसलिए नहीं चुना गया, क्योंकि वह सिलेक्टर्स को यह नहीं समझा पाए कि वो पूरी ताकत से 10 ओवर फेंक सकते हैं।
  • IPL 2026 के बाद पांड्या कंडीशनिंग सेशन में पैर की चोट बढ़ने से बाहर हो गए और आयरलैंड और इंग्लैंड, दोनों टी-20 सीरीज भी नहीं खेल पाए रहे। नीतीश रेड्डी भी इंजरी के चलते स्क्वॉड में जगह नहीं बना पाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगस्त में श्रीलंका टेस्ट दौरे तक भी उनकी वापसी मुश्किल है।
  • इन दोनों टॉप भारतीय ऑलराउंडर की कमी न खले, ये जिम्मा शिवम दुबे और हर्षित राणा पर आया। दिक्कत ये है कि शिवम मुख्य रूप से बल्लेबाज हैं और पार्ट टाइम राइट-आर्म मीडियम गेंदबाजी करते हैं। जबकि हर्षित राणा बेसिकली तेज गेंदबाज हैं। दोनों ही जरूरत के समय सीम बॉलिंग और मिडिल-आर्डर में बल्लेबाजी के मामले में खरे नहीं उतरे।
  • इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 में टॉप आर्डर ढहने के बाद मिडिल-आर्डर से उम्मीद थी। पैनिक में हर्षित को शिवम से ऊपर भेजा गया। हर्षित राणा कैच आउट हुए, तो शिवम दुबे नंबर-8 पर उतरे, लेकिन 4 गेंद खेलकर वो भी आउट हो गए।
  • मैच के बाद हार्दिक और नीतीश की कमी पर बात हुई। मैच के बाद कोच रयान डोशेट ने कहा, ‘हार्दिक जब फिट होते हैं, तो एक अलग ही एलिमेंट लाते हैं। बीते 18 महीनों में नीतीश ने भी दिखाया कि वे कितने अहम हैं, मुझे लगता है वे हार्दिक के नैचुरल उत्तराधिकारी हैं।’

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