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हरियाणा के नगर निगमों में नई चुनी हुई सरकार बनने के बावजूद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में देरी अब निगम के कामकाज पर सवाल खड़े कर रही है। नगर निगम एक्ट-1994 के तहत इन दोनों पदों का वित्त एवं अनुबंध समिति (FCC) में होना अनिवार्य है। ऐसे में दोनों पद खाली रहने से समिति की निर्धारित संरचना पूरी नहीं हो पा रही है। इसका सीधा असर निगम के वित्तीय और विकास संबंधी फैसलों पर पड़ने की आशंका है। हरियाणा नगर निगम एक्ट-1994 की धारा 40(3) के मुताबिक वित्त एवं अनुबंध समिति में मेयर, दोनों डिप्टी मेयर, दो निर्वाचित पार्षद और नगर निगम आयुक्त शामिल होते हैं। मेयर इस समिति के पदेन अध्यक्ष होते हैं। समिति को निगम की ओर से किए जाने वाले अनुबंधों और खरीद से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं। दोनों पदों पर चुनाव नहीं हो पाया हरियाणा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन इलेक्शन रूल्स-1994 के तहत नोटिफिकेशन के बाद निर्धारित अवधि में पंचकूला सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जानी है, लेकिन यहां 76 दिन गुजरने के बाद भी दोनों पदों पर चुनाव नहीं हो पाया है। इससे निगम की वैधानिक समितियों के गठन और कामकाज को लेकर स्थिति गंभीर हो गई है। FCC के बिना बड़े फैसलों पर असर वित्त एवं अनुबंध समिति निगम की सबसे महत्वपूर्ण समितियों में शामिल है। इसके दायरे में वित्तीय प्रस्तावों की जांच, अनुबंध, खरीद और विकास कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय आते हैं। समिति का गठन अधूरा रहने पर टेंडर, खरीद और बड़े विकास प्रोजेक्ट से जुड़े प्रस्तावों की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। है। अब जानिए निगम में BJP बहुमत स्थिति व वजह..
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पंचकूला निगम में 76 दिन से अटके डिप्टी मेयर चुनाव:कामकाज पर उठे सवाल, BJP के 17 पार्षद; कहां फंसा पेंच
