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भिवानी की टीचर मनीषा की मौत को एक साल बीत गया है, लेकिन अब तक उसकी डेथ मिस्ट्री अनसुलझी है। परिवार उसकी याद में आज भी रोता है। मनीषा की मां कैमरे के सामने ही बेटी को याद करके भावुक हो गई और रोने लगी। परिवार ने मनीषा के सर्टिफिकेट, मेडल, किताबें और कपड़े आज भी संभालकर रखे हैं। जिस छोटे मंदिर में मनीषा पूजा करती थी, वहां अब उसका भाई नितेश पूजा करता है। मनीषा की मां विनोद देवी ने कहा- मैं तो एक साल तैं इतनी परेशान हो रही हूं, मेरी बेटी को न्याय दिला दें। यह सरकार यूं भी नहीं सोच रही कि हमने जवान बेटी खो दी, अब क्या बचा है। मुझे कुछ नहीं चाहिए बस, ये काम करवा दें और कुछ नहीं मांग रही। सरकार अब न्याय ही दिला दे बस। मनीषा की मौत की जांच CBI तक पहुंची, लेकिन अब केंद्रीय एजेंसी ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है जिसपर परिवार सवाल उठा रहा है। CBI ने पंचकूला की विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर मामले को आत्महत्या माना है। पिता संजय का कहना है कि उन्हें अभी यह समझ नहीं आया कि किन सबूतों के आधार पर मौत को सुसाइड माना गया। 27 अगस्त को कोर्ट में रिपोर्ट और सबूतों से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद परिवार आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला करेगा। मां ने बेटी के सर्टिफिकेट-मेडल संभालकर रखे गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी टीचर मनीषा की मां विनोद देवी ने कहा कि याद तो आज भी आती है, वह क्या भूली जा सकती है। बेटी इतने करीब थी कि अब देख लो, मां में क्या बचा हुआ है। बेटी के बिन सबकुछ सूना पड़ा है। इसके बाद भावुक होते हुए मां रोने लगी और आगे बोल भी नहीं पाई। इसके अलावा मनीषा के सर्टिफिकेट व मेडल आदि सामान आज भी मां ने संभालकर रखे हुए हैं। साथ ही मनीषा जिस मंदिर में पूजा करती थी, आज उसका भाई नितेश उसी मंदिर में पूजा पाठ करता है। बेटी की यादें आज भी संभालकर रखी मनीषा के पिता संजय ने कहा कि “आज भी हर समय उसकी याद आती है। वह पढ़ती थी और अपने छोटे भाई-बहनों को भी पढ़ाती थी। खेत में जाता हूं तो याद आता है कि मनीषा कैसे मेरे साथ काम में हाथ बंटाती थी।” बेटी की यादों को परिवार ने आज भी उसी तरह संभालकर रखा है। उसकी किताबें और कपड़े सुरक्षित हैं। घर के कोने में जिस जगह पर छोटा सा मंदिर बनाकर मनीषा पूजा करती थी, वह भी परिवार ने उसी तरह रखा है। आज भी वहां पूजा होती है। CBI ने बताया सुसाइड, पिता बोले-ऐसा हो ही नहीं सकता भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी टीचर मनीषा की मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी है। मनीषा के पिता ने बताया कि कोर्ट से पता चला है कि सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें सुसाइड घोषित कर दिया है। बाकी एविडेंस उनके पास थे नहीं। 27 तारीख को चार्जशीट देंगे, उसमें पता लगेगा, सही दी गई है या नहीं। संजय ने कहा कि कोर्ट ने ऐसा कोई कारण नहीं बताया कि जिससे सुसाइड घोषित किया गया है। कहा गया है कि 27 अगस्त को बताएंगे। 27 को कुछ एविडेंस और आएंगे, जिसके बारे में बता दिया जाएगा। संजय ने कहा कि बेटी की मौत को हम सुसाइड मान ही नहीं सकते। अगर वो साबित भी कर देंगे तो भी हमारे तो गले नहीं उतरेगी कि ये सुसाइड है। देखते हैं कि कोई कानूनी कार्रवाई का रास्ता होगा, अच्छा-सा वकील होगा तो करके देखेंगे, अन्यथा बैठ जाएंगे। 13 अगस्त को खेत में मिला था मनीषा का शव मनीषा 11 अगस्त 2025 को अपने ढाणी लक्ष्मण गांव से सिंघानी के प्ले स्कूल में ड्यूटी के लिए निकली थी। इसके बाद उसने नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कही थी, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी। 13 अगस्त 2025 को उसका शव सिंघानी गांव के खेतों में पड़ा मिला। परिवार ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। मामले में न्याय की मांग को लेकर लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने आत्महत्या बताया तो बढ़ा विरोध मामले में 18 अगस्त 2025 को पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया। इसके बाद लोगों का विरोध और तेज हो गया। परिवार और ग्रामीणों की मांग पर मनीषा का दिल्ली AIIMS में तीसरी बार पोस्टमॉर्टम कराया गया। बढ़ते विरोध और आंदोलन के बीच 26 अगस्त 2025 को मामले की जांच CBI को सौंप दी गई थी। करीब एक साल बाद CBI ने जांच पूरी कर कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। अब परिवार की नजर कोर्ट की अगली कार्रवाई पर है।
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मनीषा डेथ मिस्ट्री, मां बोलीं-सालभर रो-रोकर यादों में बिताया:पिता बोले-बेटी बिन सबकुछ सूना, सर्टिफिकेट-मेडल संजोकर रखे; सरकार अब तो न्याय दिलाए
