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किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल जानकारी देते हुए।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की ओर से रविवार को 55 किसानों का जत्था खनौरी बॉर्डर के लिए रवाना होगा। जत्था किसान आंदोलन के दौरान शुभकरण सिंह की मौत वाले स्थान की मिट्टी लेकर दिल्ली जाएगा। यात्रा की शुरुआत गुरुद्वारा दातावाला से होगी। किसानों ने
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किसान नेताओं के मुताबिक, यात्रा में एक किसान मुख्य रूप से पैदल चलेगा, जबकि उसके साथ कुछ किसान रहेंगे, जो उसका सामान उठाएंगे। रास्ते में जगह-जगह पड़ाव होंगे और जत्था चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा।
किसानों का लक्ष्य 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने का है। वहां एक दिन की किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद सरकार को किसानों की मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपने का प्रयास किया जाएगा।
अब 5 प्वाइंट्स में पढ़ें क्या बोले डल्लेवाल
- डल्लेवाल बोले- सरकार को टकराव का कोई मौका नहीं देंगे: किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि मीडिया के जरिए जानकारी मिली है कि खनौरी बॉर्डर पर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ानी शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान किसी तरह के टकराव के पक्ष में नहीं हैं और जत्था शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाएगा। अब यह सरकार पर निर्भर है कि वह वहां किस तरह का माहौल बनाती है।
- जत्थे में सीमित संख्या में किसान: डल्लेवाल ने कहा कि अगर सरकार किसानों को रोकती है तो इससे स्पष्ट होगा कि उसे किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से नहीं, बल्कि उनके मुद्दों से परेशानी है। उन्होंने बताया कि जत्थे में सीमित संख्या में किसान शामिल हैं। न कोई बड़ी भीड़ है। न ही बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां हैं। किसान लगातार सरकार का रवैया देख रहे हैं। कभी अंबाला तो कभी चंडीगढ़ में लोगों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है।
- अब किसान पैदल यात्रा कर रहे हैं: डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की मानसिकता इसी तरह कार्रवाई करने की है। पिछली बार जब किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे थे, तब सरकार की ओर से कहा गया था कि किसान पैदल चले जाएं और उन्हें गाड़ियां उपलब्ध करवा दी जाएंगी। अब किसान पैदल यात्रा कर रहे हैं, इसलिए सरकार को उन्हें रोकने का कोई मौका नहीं दिया जाएगा।
- पैदल जाते किसानों को रोका तो सरकार का चेहरा सामने आएगा: डल्लेवाल ने कहा कि यदि सरकार शांतिपूर्वक पैदल जा रहे किसानों को भी रोकती है तो इससे सरकार का चेहरा सामने आ जाएगा। किसानों के धरने लगाने पर सरकार उन्हें बदनाम करती है, लेकिन यदि शांतिपूर्ण तरीके से जा रहे किसानों को रोका गया तो यह गलत होगा।
- ट्रेड डील के विरोध को बनाया मुख्य मुद्दा: डल्लेवाल ने कहा कि किसानों को रोकने का मतलब साफ होगा कि सरकार किसानों के मुद्दों का समाधान नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले किसानों की कुछ मांगें मानने का भरोसा दिया था, लेकिन अब उन पर भी अमल नहीं किया जा रहा। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का भी विरोध किया। डल्लेवाल ने दावा किया कि इस ट्रेड डील का देश की अर्थव्यवस्था और किसानों पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को मुख्य रूप से उठाने के लिए आज की यात्रा निकाली जा रही है।
मुद्दों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का प्रयास
किसान नेताओं के मुताबिक, खनौरी बॉर्डर से मिट्टी लेकर दिल्ली पहुंचने वाली यह यात्रा किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले शुभकरण सिंह की याद को समर्पित होगी। साथ ही, इसके जरिए किसानों के मुद्दों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
