Headlines

पंजाब में आज़ादी के 80वें दिवस महिलाओं की आर्थिक आज़ादी:शिक्षा क्षेत्र में 27वें से पहले नंबर पर पहुंचा राज्य – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान




फिरोजपुर कैंट बोर्ड स्टेडियम में 80वें आज़ादी दिवस के राज्य स्तरीय समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज़ादी का 80वां दिवस पंजाब की महिलाओं के लिए आर्थिक आज़ादी का साल होगा। पहली बार मां-बेटियों को अपनी मर्जी के अनुसार पैसे खर्च करने की आज़ादी मिल रही है, जिसमें मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत पंजीकृत 74.59 लाख महिलाओं में से 65 लाख से अधिक महिलाओं को सम्मान राशि मिल चुकी है। मान ने कहा कि महान राष्ट्रीय नायकों के पदचिन्हों पर चलते हुए उनकी सरकार लोगों से किए गए हर वादे को पूरा करके सबकी भलाई और खुशहाल रंगला पंजाब बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण की यह भावना पूरे पंजाब में शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार, खेतों तक नहर का पानी पहुंचाने, नशे के खिलाफ निर्णायक जंग और जन सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ पंजाब की पहचान अमन-शांति और भाईचारक साझ को कायम रखकर बढ़ाई जा रही है। इस शुभ दिवस की कुछ झलकियां साझा करते हुए सीएम ने एक्स पर लिखा कि आज 80वें आज़ादी दिवस के मौके पर फिरोजपुर की पवित्र धरती हुसैनीवाला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी और अन्य राष्ट्रीय नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। हम शहीदों के सपनों का ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। 69,093 युवाओं को नौकरियां दी गई हैं, प्रदेश के 88 प्रतिशत खेतों को अब नहर का पानी मिल रहा है और शिक्षा व स्वास्थ्य क्रांति के साथ-साथ सड़क सुरक्षा फोर्स, पंजाब के विकास और सुरक्षा को मजबूत कर रही है। आओ, मिलकर पंजाब की शांति और भाईचारे को और मजबूत करें। सभी को आज़ादी दिवस की लाख-लाख बधाइयां। इंकलाब जिंदाबाद।” राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मान ने कहा, “देश अपना 80वां आज़ादी दिवस मना रहा है और इस पवित्र मौके पर मैं सभी देशवासियों, खासकर पंजाब के लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं। मैं शहीदों की पवित्र धरती फिरोजपुर को सिजदा करता हूं, जिसका नाम भारत के आज़ादी संघर्ष के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। मैं सारागढ़ी की जंग के 21 बहादुर सिख शहीदों को भी याद करता हूं, जिनकी याद में यहां ऐतिहासिक गुरुद्वारा सारागढ़ी साहिब सुशोभित है।” हुसैनीवाला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सतलुज के किनारे बसा हुसैनीवाला हमारे राष्ट्रीय शहीदों की महान विरासत है और यह पवित्र धरती हमें शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव के जीवन और कुर्बानियों की याद दिलाती है। महान इंकलाबी बटकुशेश्वर दत्त और सरदार भगत सिंह जी की माता विद्यावती जी का अंतिम संस्कार भी यहीं किया गया था। हुसैनीवाला में शहीदों की याद में 25 करोड़ रुपए की लागत से ‘विरासती कॉम्प्लेक्स’ बनाया जा रहा है। मैं इस सीमावर्ती जिले के बहादुर लोगों को सलाम करता हूं जो सीमा पार से दुश्मनों के मंसूबों, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य चुनौतियों का डटकर सामना करते हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *