Headlines

रांची-टाटा हाइवे में महिलाओं से गुंडागर्दी:स्कॉर्पियो से कार का पीछा कर रुकवाया, पत्थर फेंक शीशा तोड़ा, डायल-100 भी नहीं कर सकी मदद




रांची के दशम फॉल इलाके में मंगलवार दोपहर रांची-टाटा हाइवे पर महिलाओं के साथ गुंडागर्दी की घटना सामने आई है। जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही तीन महिलाओं की कार का स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने पहले पीछा किया और फिर रास्ता रोककर कार में तोड़फोड़ की। इस घटनाक्रम का पूरा वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में आरोपी धमकाते, कार का गेट खोलते और पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटने लगे, तब जाकर आरोपी मौके से फरार हुए। घटना के दौरान महिलाओं ने डायल-100 पर कई बार कॉल किया, लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंच सकी। टक्कर के बाद शुरू हुई बदसलूकी, फिर किया पीछा नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर महिलाओं ने बताया कि वे मंगलवार सुबह अपनी बहन और सहेली के साथ चालक रणवीर सिंह की कार से जमशेदपुर से हजारीबाग के लिए निकली थीं। बुंडू के एक लाइन होटल में नाश्ता करने के बाद वे सूर्य मंदिर घूमने गईं। वहां से दोपहर करीब 12:27 बजे जैसे ही उनकी कार एनएच पर पहुंची, बुंडू की ओर से तेज रफ्तार में आ रही स्कॉर्पियो (जेएच-01-जीएच-4141) ने उनकी कार में टक्कर मार दी। महिलाओं का कहना है कि गलती स्कॉर्पियो चालक की थी। इसके बावजूद दोनों युवक उनसे अभद्र व्यवहार करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख महिलाएं वहां से निकल गईं, लेकिन आरोपी उनका पीछा करने लगे और ओवरटेक कर रास्ता रोकने की कोशिश करने लगे। पत्थर मारकर शीशा तोड़ा, चालक घायल महिलाओं ने बताया कि जान बचाने के लिए चालक ने कार को रिवर्स कर गलत दिशा में मोड़ दिया, लेकिन आरोपी वहां भी उनका पीछा करते रहे। अंततः उन्होंने सामने से आकर कार को रोक लिया और चालक का दरवाजा खुलवाने लगे। दरवाजा नहीं खोलने पर आरोपियों ने पत्थर मारकर ड्राइवर साइड का शीशा तोड़ दिया, जिससे चालक रणवीर सिंह घायल हो गए। इस दौरान महिलाओं ने दोपहर 12:33 बजे डायल-100 पर सूचना दी, जो 12:38 बजे कंट्रोल रूम से रांची पुलिस तक पहुंची। करीब 25 मिनट बाद 12:58 बजे दशम फॉल थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। रिकॉर्ड की गई वीडियो में पहचान के बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो जब्त कर आरोपियों राजकुमार महतो और सोयब रजा को थाने बुलाया। सड़क पर होती रही गुंडागर्दी, नहीं दिखी हाइवे पुलिस घटना के समय सूर्य मंदिर से दशम फॉल तक कहीं भी हाइवे पेट्रोलिंग नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि केवल वीआईपी मूवमेंट के दौरान ही पुलिस गश्ती दिखाई देती है। वर्तमान नियम के अनुसार, डायल-100 या 112 पर कॉल के बाद 10 मिनट के भीतर पुलिस को पहुंचना चाहिए, लेकिन इस मामले में देरी ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के मुताबिक सूचना मिलने के करीब 20 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जिसकी वजह क्षेत्र का अंदरूनी होना बताया गया है। पीड़ित महिलाओं ने कहा कि इस घटना ने उन्हें अंदर तक डरा दिया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *