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Diggi Kalyanji Padayatra 2026 | Jaipur to Diggipuri Yatra Live Update


डिग्गी कल्याणजी की 61वीं लक्खी पदयात्रा आज सुबह 9 बजे चौड़ा रास्ता स्थित श्री ताड़केश्वर मंदिर से डिग्गीपुरी के लिए रवाना हुई। मुख्य केसरिया निशान की पूजा-अर्चना के बाद संत-महात्माओं और ने ध्वज दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया। भक्त 5 दिन में करीब 75 कि

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पदयात्रा में देवी-देवताओं की भी झांकियां सजी। भक्त भजनों पर नाचते-गाते हुए पैदल चले। कई भक्त पेट पलायन करते हुए रवाना हुए है। पदयात्रा के स्वागत-सत्कार के लिए चौड़ा रास्ता से टोंक रोड और सांगानेर तक जगह-जगह भंडारे लगाए गए।

बता दें कि पदयात्रा से एक दिन पहले सोमवार रात से ही अलग-अलग जगहों से भक्तों का जयपुर आना शुरू हो गया था।

देखिए- पदयात्रा की PHOTOS

पदयात्रा में भजनों पर झूमते हुए महिला भक्त।

पदयात्रा में भजनों पर झूमते हुए महिला भक्त।

पदयात्रा में अलग-अलग झांकी सजाई गई है।

पदयात्रा में अलग-अलग झांकी सजाई गई है।

कई भक्त पैदल तो कई दंडवत करते हुए यात्रा पर निकले है।

कई भक्त पैदल तो कई दंडवत करते हुए यात्रा पर निकले है।

हनुमान जी के अवतार में समेत कई झांकियां सजीं।

हनुमान जी के अवतार में समेत कई झांकियां सजीं।

डिग्गी में शोभायात्रा 22 अगस्त को

डिग्गी पदयात्रा का पहला पड़ाव आज मदरामपुरा में होगा। 19 अगस्त को हरसूलिया, 20 अगस्त को फागी और 21 अगस्त को चौसला में रात्रि विश्राम होगा। 22 अगस्त को श्रद्धालु डिग्गीपुरी पहुंचेंगे। रास्ते में रात को भजन, रासलीला और सत्संग के कार्यक्रम होंगे। भगवान भोलेनाथ सहित अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप भी पदयात्रा में आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

डिग्गी पहुंचने पर 22 अगस्त को शाम 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद भगवान कल्याणजी महाराज के निज मंदिर में गंगोत्री से लाए गए गंगाजल से अभिषेक किया जाएगा। रात में श्रद्धालु जागरण में शामिल होंगे।

तीसरी पीढ़ी निभा रही 61 साल पुरानी परंपरा

श्री कल्याण डिग्गीपुरी लक्खी पदयात्रा संघ जयपुर के संचालक व अध्यक्ष श्रीजी शर्मा ने बताया कि वे तीसरी पीढ़ी से इस यात्रा की परंपरा निभा रहे हैं। उनके दादी स्व. रामेश्वर लाल शर्मा ने 1964 में पहली यात्रा शुरू की थी। इसके बाद 1993 से 2011 तक उनके पिता प्रहलाद राय शर्मा ने यात्रा का संचालन किया। पिछले 14 साल से वे इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

टोंक रोड पर जगह-जगह भंडारे और स्वागत के लिए टेंट

पदयात्रियों की सेवा के लिए चौड़ा रास्ता से टोंक रोड और सांगानेर तक जगह-जगह भंडारे लगाए गए हैं। सोमवार शाम से ही भंडारों में भोजन तैयार करने के लिए भट्टियां जल उठीं।

टोंक रोड पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह टेंट लगाए गए हैं। यहां पदयात्रियों के लिए भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने भी पदयात्रा मार्ग और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है।

टोंक रोड और जेएलएन मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्ट

पदयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने को देखते हुए यातायात पुलिस ने टोंक रोड और जेएलएन मार्ग पर कई जगह बसों के रूट को बदला गया है। पदयात्रा ताड़केश्वर मंदिर से न्यू गेट, रामनिवास बाग, मोती डूंगरी गणेश मंदिर, तख्तेशाही रोड, आरबीआई तिराहा, रामबाग चौराहा, लक्ष्मी मंदिर तिराहा, टोंक फाटक, दुर्गापुरा और सांगानेर होते हुए मदरामपुरा, हरसूलिया, फागी, चाकसू-चौसला होते हुए डिग्गी कल्याणजी पहुंचेगी।



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