बिहार सरकार के गृह विभाग ने राज्य में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। पटना स्थित आतंकवाद निरोधी दस्ते में तैनात 2015 बैच के सीनियर और तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी हृदय कांत को नालंदा जि
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वहीं, नालंदा के निवर्तमान एसपी और 2019 बैच के आईपीएस भारत सोनी को सीवान जिले की कमान सौंपी गई है। सीवान में हाल ही में बिगड़ी कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने भारत सोनी को ‘क्राइसिस मैनेजर’ के रूप में वहां भेजा है।
कौन हैं नालंदा के नए एसपी हृदय कांत?
मूल रूप से झारखंड के रहने वाले आईपीएस हृदय कांत अपनी कड़क कार्यशैली और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 201वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में कदम रखा था।
एटीएस से पहले वह अररिया व समस्तीपुर के एसपी और भागलपुर के एसएसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अपने अब तक के कार्यकाल में उन्होंने नशा तस्करों, भू-माफियाओं और शातिर अपराधियों के खिलाफ कई बड़े और सफल अभियान चलाए हैं। उनकी नियुक्ति की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ गई है।
नए पुलिस कप्तान के सामने होंगी ये प्रमुख चुनौतियां
नालंदा पूर्व मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के कारण बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है। एसपी के रूप में पदभार संभालने के बाद हृदय कांत के सामने जिले में विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
इसके अलावा, लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध पर लगाम लगाना, बालू माफियाओं के वर्चस्व को तोड़ना और जिले में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके आने से जिले की पुलिसिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

भारत सोनी का कार्यकाल: 5 बड़े कांड, जिन्होंने बढ़ाई थीं मुश्किलें
निवर्तमान एसपी भारत सोनी का नालंदा कार्यकाल काफी चर्चाओं में रहा। उनके कार्यकाल में 5 ऐसे बड़े कांड हुए, जिन पर पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठे।
चैत्र नवरात्र के दौरान मघड़ा स्थित शीतला माता मंदिर में हुई भगदड़ और श्रद्धालुओं की मौत सबसे प्रमुख थी। इसके अलावा, बिहारशरीफ के देवीसराय में बीज व्यापारी के घर 1 करोड़ रुपये की दुस्साहसिक डकैती, राजगीर में चोरी के आरोप में दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग), हरनौत थाने के भीतर दारोगा की ओर से सर्विस रिवॉल्वर से आत्महत्या और ग्रामीण इलाकों में बालू माफियाओं द्वारा पुलिस टीम पर हमले की घटनाओं ने उनकी चुनौतियां काफी बढ़ा दी थीं।
सख्त मिजाज और 5 बड़ी उपलब्धियों ने दिलाया सीवान का जिम्मा
तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत सोनी ने अपनी कार्यकुशलता साबित की, जिसके दम पर ही सरकार ने सीवान का संकट सुलझाने के लिए उन पर भरोसा जताया है। देवीसराय की एक करोड़ की डकैती के बाद उन्होंने एसआईटी का गठन कर महज 72 घंटे में मास्टरमाइंड समेत 4 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया और नकदी व जेवरात बरामद किए। अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए उन्होंने एक ही रात में विशेष अभियान चलाकर 68 फरार वारंटियों को जेल भेजा। पढ़ें पूरी खबर

रहुई थाना क्षेत्र में 25 हजार रुपये के इनामी अपराधियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार करना उनकी बड़ी सफलता रही। इसके साथ ही, उन्होंने प्रशासनिक कोताही पर कड़ा रुख अपनाते हुए शीतला माता मंदिर हादसे के बाद दीपनगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया था। थानों में नए और युवा पुलिस अधिकारियों की तैनाती कर उन्होंने महिला सुरक्षा और आम जनता की सुनवाई को भी काफी मजबूत किया।
