Headlines

बिजनौर में अनिल हत्याकांड के 4 आरोपी गिरफ्तार:अधिवक्ता पर 10 लाख में हत्या की साजिश रचने का आरोप, करोड़ों की संपत्ति का विवाद




बिजनौर में 7 अगस्त को करोड़ों की संपत्ति के मालिक की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया। अनिल हत्याकांड के आरोप में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एक अधिवक्ता का नाम भी हत्या की साजिश में सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निशा उर्फ अंजुम परवीन, अलीमुद्दीन, सुभाष और हीना के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 28,240 रुपए नकद और हत्या में इस्तेमाल किया गया काला नाड़ा बरामद करने का दावा किया है। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। जमीन विवाद से जुड़ी बताई जा रही साजिश पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त को अनिल सोती के भांजे आलोक शर्मा ने शहर कोतवाली में गौरव सोती, प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना, सुनील खन्ना और नावेद समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान निशा उर्फ अंजुम, अलीमुद्दीन, सुभाष, हीना और अधिवक्ता राजनारायण के नाम सामने आए। इसके बाद मुकदमे में साजिश से संबंधित धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार निशा ने पूछताछ में बताया कि वह करीब एक साल से अधिवक्ता राजनारायण के यहां क्लर्क के तौर पर काम कर रही थी। पुलिस का कहना है कि अधिवक्ता के मुवक्किल गौरव सोती की जमीन, अनिल सोती की जमीन से लगी हुई थी। अनिल सोती की कोई संतान नहीं थी और दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, भूमि विवाद का समाधान नहीं होने से गौरव सोती अधिवक्ता से नाराज था। पुलिस का दावा है कि मुवक्किल को खोने के डर से अधिवक्ता ने पहले अनिल सोती को झूठे मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई। योजना सफल नहीं होने पर कथित तौर पर हत्या की साजिश रची गई। 10 लाख रुपए में हत्या की सुपारी देने का आरोप पुलिस के अनुसार, पूछताछ में निशा ने बताया कि अधिवक्ता ने उसे अनिल सोती की हत्या के लिए 10 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया था और कथित तौर पर 80 हजार रुपये पेशगी दिए गए। इसके बाद निशा ने अपने भाई अलीमुद्दीन, बहन हीना और परिचित सुभाष को पैसे का लालच देकर कथित साजिश में शामिल कर लिया। रेकी के बाद घर में घुसकर हत्या का दावा पुलिस के मुताबिक, 1 अगस्त को अलीमुद्दीन ने अनिल सोती के घर की रेकी की। इसके बाद 6 अगस्त को निशा, अलीमुद्दीन और हीना टैक्सी से दिल्ली से बिजनौर पहुंचे और सुभाष को भी बुलाया गया। पुलिस का दावा है कि अलीमुद्दीन, हीना और सुभाष बाहर निगरानी कर रहे थे, जबकि निशा अनिल सोती की कोठी के अंदर गई। आरोप है कि वहां काले नाड़े से गला घोंटकर अनिल सोती की हत्या कर दी गई। वारदात के बाद चारों आरोपी नूरपुर पहुंचे और वहां से टैक्सी के जरिए दिल्ली चले गए। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद अधिवक्ता से मिलने के लिए दोबारा बिजनौर आने पर पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में नामजद गौरव सोती समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *