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कैमूर जिले में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होने के बाद निबंधन कार्यालयों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव आया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद 14 दिनों में सिर्फ 10 जमीनों की रजिस्ट्री हुई है। इससे कार्यालयों में लगने वाली भीड़ में भी भारी कमी आई है। कैमूर के मोहनिया और भभुआ स्थित अवर निबंधन कार्यालयों में 3 अगस्त से पेपरलेस व्यवस्था शुरू की गई थी। 17 अगस्त से इसे पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत खरीदार और विक्रेता को स्टांप पेपर समेत अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से मुक्ति मिल गई है। ई-निबंधन पोर्टल से तैयार हो रहा डीड जमीन की खरीद-बिक्री के लिए पक्षकारों को सबसे पहले ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद सॉफ्टवेयर स्वतः डीड का प्रारूप तैयार करता है। निर्धारित तिथि पर खरीदार और विक्रेता को आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य जरूरी औपचारिकताओं के लिए कार्यालय पहुंचना पड़ता है। मोबाइल पर मिलेगी डिजिटल कॉपी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीड की डिजिटल पीडीएफ कॉपी दोनों पक्षों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज दी जाती है। इससे दस्तावेजों को संभालकर रखने की प्रक्रिया भी आसान हो गई है। बिचौलियों की मनमानी पर लगाम पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से निबंधन कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ और कागजी प्रक्रिया कम हुई है। साथ ही, डिजिटल व्यवस्था से बिचौलियों की मनमानी पर भी लगाम लगने की उम्मीद है। आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन से रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
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कैमूर में 14 दिनों में सिर्फ 10 जमीनों की रजिस्ट्री:17 अगस्त से पेपरलेस व्यवस्था अनिवार्य, आधार बायोमेट्रिक से सत्यापन, मोबाइल पर मिलेगी डिजिटल डीड
