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Rohtak PGI MBBS Student Viral Video


रोहतक6 घंटे पहले

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रोहतक के पीजीआईएमएस के एजुकेशन सिस्टम पर सवाल उठातीं MBBS फाइनल ईयर की स्टूडेंट डॉ. मोनिका गोयत। - Dainik Bhaskar

रोहतक के पीजीआईएमएस के एजुकेशन सिस्टम पर सवाल उठातीं MBBS फाइनल ईयर की स्टूडेंट डॉ. मोनिका गोयत।

हरियाणा के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान रोहतक PGIMS के एजुकेशन सिस्टम पर MBBS फाइनल ईयर की स्टूडेंट डॉ. मोनिका गोयत ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पंडित भगवत दयाल शर्मा हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी की इस छात्रा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर कहा कि पीजीआई में स्टूडेंट को रीडिंग रूम (लाइब्रेरी) तक नहीं मिल रहा।

रीडिंग रूम को एग्जाम हॉल बनाकर छोड़ दिया है। रीडिंग रूम साल में केवल 10 से 15 दिन ही मिलता है, जबकि नियमानुसार मेडिकल कॉलेज में लाइब्रेरी का होना जरूरी है। गोयत ने यहां तक कह दिया कि कॉलेज प्रशासन स्टूडेंट को लाइब्रेरी देने में सक्षम नहीं है। फिर प्रोटेस्ट का जिक्र करते हुए कहा-

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स्टूडेंट को प्रोटेस्ट करने का शौक नहीं है। जब सुविधाएं नहीं मिलेंगी तो स्टूडेंट प्रोटेस्ट करने पर मजबूर होता है। फिर अथॉरिटी कहेगी कि प्रोटेस्ट में अपना समय बर्बाद कर रहे हैं, जबकि अथॉरिटी अपनी कमियों को छुपाने का प्रयास करती है।

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उधर, छात्रा के इन आरोपों पर हेल्थ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. रूप सिंह ने कहा कि लाइब्रेरी स्टूडेंट्स के लिए उपलब्ध है। एग्जाम मात्र 3 घंटे का होता है, जिसके बाद लाइब्रेरी खुली रहती है। स्टूडेंट्स को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।

मेडिकल स्टूडेंट ने अपनी वीडियो में तीन फोटो भी शेयर किए

स्टूडेंट्स के लिए बनाई गई लाइब्रेरीस, जिसमें एग्जाम होने का दावा मेडिकल स्टूडेंट ने किया है।

स्टूडेंट्स के लिए बनाई गई लाइब्रेरीस, जिसमें एग्जाम होने का दावा मेडिकल स्टूडेंट ने किया है।

स्टूडेंट डॉ. मोनिका गोयत ने वीडियो में लाइब्रेरी में लगाया गया सीटिंग प्लान भी दिखाया।

स्टूडेंट डॉ. मोनिका गोयत ने वीडियो में लाइब्रेरी में लगाया गया सीटिंग प्लान भी दिखाया।

लाइब्रेरी में पढ़ाई नहीं हो पाने की वजह से दीवार पर लगाया गया लेटर।

लाइब्रेरी में पढ़ाई नहीं हो पाने की वजह से दीवार पर लगाया गया लेटर।

वीडियो में डॉ. मोनिका गोयत ने क्या-क्या आरोप लगाए, हुबहू जानिए…

हे गाइस, माय सेल्फ मोनिका गोयल। आई एम ए फाइनल ईयर एमबीबीएस स्टूडेंट। मैं अभी जस्ट यार रीडिंग रूम से वापस आ रही थी PGIMS के। मैंने वहां पे एक लेटर देखा था। लेटर तो किसी XYZ पर्सन ने लिखा हुआ है, लेकिन वो सिचुएशन अब हर एक PGIMS के स्टूडेंट की है।

हमारा जो कॉलेज है PGIMS, हमें एक लाइब्रेरी प्रोवाइड करने में असक्षम है। मतलब जो हमारा रीडिंग रूम यानी लाइब्रेरी है, इसको उन्होंने एग्जाम हॉल बना के छोड़ दिया है। अभी फाइनल ईयर के सप्लीमेंट्री एग्जाम चल रहे हैं, इसके बाद 2023 बैच के एग्जाम होंगे, 2024 के होंगे, 2025 के होंगे और उसके बाद इन सभी के सप्लीमेंट्री एग्जाम्स होंगे। बीच में किसी पैरामेडिकल कोर्स के एग्जाम हो सकते हैं, इसके बाद हमारे एग्जाम हो जाएंगे। मतलब ओवरऑल रीडिंग साल में गिनकर केवल 10-15 दिन खुलती है।

एक के एग्जाम खत्म हुए, तो लाइब्रेरी गिनके 10 दिन खुल जाएगी, फिर दोबारा किसी और बैच के एग्जाम आ जाएंगे। और जो हमारे सीनियर्स हैं, उन्होंने अथॉरिटीज को अप्रोच किया लेटर्स के थ्रू कि हमें हमारी रीडिंग रूम वापस चाहिए, हमें बाहर जाना पड़ता है लाइब्रेरी के लिए। NMC का एक क्राइटेरिया होता है, जिसमें मेडिकल कॉलेज में लाइब्रेरी होना मस्ट होता है। हमारे कॉलेज में लाइब्रेरी प्रोवाइड नहीं कर पा रहे हैं, हम लोग पढ़ने के लिए कहां जाएं?

सिर्फ एक यही मैसेज कन्वे करना चाहती हूं कि अगर अथॉरिटीज इस वीडियो को देख रही हैं, हमें भी कोई प्रोटेस्ट करने का शौक नहीं है। बट अथॉरिटीज को चीजें समझ में ही नहीं आतीं। लेटर्स के थ्रू उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा कि हमारे बच्चों को जरूरत है लाइब्रेरी की तो उन्हें प्रोवाइड कर दें।

गोयत ने आगे कहा कि PGI में जगह नहीं है, फिर भी एक दूसरा प्राइवेट कॉलेज ‘वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज’ है, उसके भी एग्जाम PGI यहां पे कंडक्ट करवाता है लाइब्रेरी के अंदर। जो भी इस वीडियो को देख रहा है, प्लीज इसको जितना हो सके उतना शेयर करो ताकि अथॉरिटीज पे थोड़ा प्रेशर बने। थैंक यू सो मच।”

रोहतक पीजीआई, जिसे लेकर MBBS फाइनल ईयर की स्टूडेंट डॉ. मोनिका गोयत ने सवाल उठाए हैं।

रोहतक पीजीआई, जिसे लेकर MBBS फाइनल ईयर की स्टूडेंट डॉ. मोनिका गोयत ने सवाल उठाए हैं।

अब जानिए मेडिकल छात्रा ने किन-किन मुद्दों को उठाया…

  • लाइब्रेरी को ‘एग्जाम हॉल’ बनाना : PGIMS रोहतक का रीडिंग रूम/लाइब्रेरी मुख्य रूप से पढ़ाई के लिए उपलब्ध होने के बजाय परीक्षाओं के आयोजन (एग्जाम हॉल) के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। विभिन्न बैचों की परीक्षाएं लगातार चलती रहती हैं, जिससे रीडिंग रूम साल में केवल 10-15 दिन ही खुल पाता है।
  • NMC के नियमों का उल्लंघन : National Medical Commission (NMC ) के दिशानिर्देशों के अनुसार हर मेडिकल कॉलेज में छात्रों के लिए क्रियाशील लाइब्रेरी होना अनिवार्य है, लेकिन कॉलेज प्रशासन इसे उपलब्ध कराने में असक्षम है।
  • पढ़ाई के लिए बाहर जाने की मजबूरी : लाइब्रेरी/रीडिंग रूम बंद रहने की वजह से छात्रों के पास पढ़ाई करने के लिए सही जगह नहीं है और उन्हें पढ़ाई के लिए कैंपस से बाहर जाना पड़ रहा है।
  • बाहरी/प्राइवेट कॉलेज की परीक्षाओं का बोझ : PGI में जगह की कमी होने के बावजूद ‘वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज’ (एक प्राइवेट संस्थान) की परीक्षाएं भी PGIMS की लाइब्रेरी में ही आयोजित कराई जा रही हैं।
  • प्रशासन की अनदेखी : छात्रों और सीनियर्स द्वारा लिखित पत्रों के माध्यम से बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिससे छात्रों को मजबूरन विरोध/प्रोटेस्ट का रुख अपनाना पड़ता है।

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