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रेलवे पुलिस चौकी मोगा ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान करणवीर करण निवासी वेटू कदीम, जलालाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जानकारी के अनुसार, 16 जुलाई को एक युवक ने ट्रेन के नीचे आकर आत्महत्या कर ली थी। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। रेलवे पुलिस ने समाज सेवा सोसायटी की मदद से अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। बाद में सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद मृतक की पहचान मोगा निवासी 30 वर्षीय रविंदर सिंह के रूप में हुई। मृतक के भाई के बयान पर पुलिस ने दर्ज किया था केस मृतक के भाई प्रभप्रीत सिंह के बयानों पर रेलवे पुलिस थाना फरीदकोट में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक जीती और करणवीर करण के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रविंदर को डगरू स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां उसके साथ कथित तौर पर मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि केंद्र संचालकों की ओर से फीस को लेकर भी दबाव बनाया जाता था और उन्हें धमकियां दी गई थीं। परिवार का दावा है कि इसी प्रताड़ना से परेशान होकर रविंदर ने आत्महत्या की। रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी नरेश कुमारी शर्मा ने बताया कि जांच में संबंधित नशा मुक्ति केंद्र के मान्यता प्राप्त नहीं होने की बात सामने आई है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर करणवीर करण को गिरफ्तार किया। मामले में दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
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नशा मुक्ति केंद्र से जुड़े आत्महत्या मामले में आरोपी गिरफ्तार:मोगा में युवक के परिजनों ने संचालक पर मारपीट और प्रताड़ना के लगाए थे आरोप
