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'शादी के बाद बेटे ने पहली बार दिए थे 50,000':आतंकी कनेक्शन में गिरफ्तार जफर के पिता बोले- हमारा पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं




पूर्णिया के जिस मो. जफर (22) को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने के आरोप में यूपी एटीएस ने मेरठ में गिरफ्तार किया वो 12 हजार रुपए कमाता था। तीन महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी, एक महीने बाद वो मेरठ गया था। मधेपुरा के मदरसा में पढ़ाया करता था। इसके अलावा कुछ बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाता था। जफर 8 साल का था, तब से उसका यूपी के मेरठ में जाना-जाना है। वहीं से उसने मौलवी की डिग्री ली थी। पहले वो मेरठ पढ़ाई के लिए जाता था। जब गिरफ्तारी हुई तो वो मदरसे के लिए चंदा लेने गया था। परिवार वाले कहते हैं कि जफर ने आज तक किसी तरह का गलत काम नहीं किया है, पता नहीं एटीएस ने किस आधार पर उसे गिरफ्तार किया है। जफर की पढ़ाई-लिखाई कब और कहां से हुई, एटीएस ने किन आरोपों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया, पिता-भाई ने क्या कहा, पढ़ें रिपोर्ट… अब सिलसिलेवार पढ़िए मो. जफर की कहानी…. गांव के मदरसे में पूरी की शुरुआती पढ़ाई जफर के पिता जाहिर बताते हैं कि हमलोग पूर्णिया के रौटा थाना क्षेत्र अंतर्गत मीरगंज के रहने वाले है। जफर 4 भाइयों और 7 बहनों में 7वें नंबर पर है। उसकी शुरुआती पढ़ाई गांव के ही मदरसे में पूरी हुई। इसके बाद 2012 में हमने उसे पढ़ाई के लिए यूपी के मेरठ भेज दिया था। बीच-बीच में वो गांव आया करता था। 2019 में जब कोरोना काल आया तब लॉकडाउन लग गया था। उस वक्त वो गांव आ गया। उस समय तक उसने मौलवी की डिग्री हासिल कर ली थी। लॉकडाउन के बाद मदरसा में पढ़ाना शुरू किया लॉकडाउन के बाद जब स्थिति सामान्य हुई तब जफर के पास कोई काम नहीं था। इसी बीच मधेपुरा के मदरसे में पढ़ाने का मौका मिला और वो मधेपुरा के लिए निकल लिया। इसके बाद उसका पूर्णिया आना-जाना बहुत कम हो गया था। मधेपुरा के अलग-अलग मदरसों में वो बच्चों को पढ़ाने लगा। पढ़ाने के अलावा उसे मदरसे के लिए चंदा वसूलने का भी जिम्मा मिला था। मदरसे के रशीद पर वो चंदा वसूला करता था। उन रुपयों से मदरसे की मरम्मत और विकास के काम होते थे। शादी के एक महीने बाद गिरफ्तारी पिता बताते हैं कि मधेपुरा में रहने के दौरान ही इसी साल मई में जफर ने निकाह कर लिया। पत्नी के साथ वो मधेपुरा में ही रहा करता था। महीने के 12-13 हजार रुपए आमदनी हो जाती थी। अपनी कमाई के रुपए वो हमें नहीं भेजता था। हालांकि जब शादी हुई थी तब 50 हजार रुपए उसने दिए थे। शादी के एक महीने बाद जुलाई में मदरसे के लिए चंदा इकट्‌ठा करने के लिए मेरठ गया था। तभी उसे यूपी एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया। पिता का दावा- बेटे का आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का सबूत नहीं जफर के पिता मो. जहीर बताते हैं कि मेरा बेटा निर्दोष है। उसका किसी भी आतंकवादी संगठन से कोई संबंध नहीं है। यहां की लोकल पुलिस ने गांव वालों से जफर के बारे में पूछताछ की है। गांव वालों ने जफर के पक्ष में ही अपनी बातें रखी है। गांव में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है कि बेटे जफर का किसी आतंकवादी संगठन से संबंध साबित हो। जफर के पिता ने कहा कि हम भारत में रहते हैं, हमारा पाकिस्तान से क्या संबंध होगा। सरकार से मांग है कि यदि मोहम्मद जफर के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है तो उसे जल्द से जल्द रिहा किया जाए।
आतंकी संगठन से संबंध का आरोप बेबुनियाद- भाई जफर के भाई परवेज आलम ने कहा कि मैं गुजरात में काम करता हूं। भाई जफर ने मदरसे में शिक्षा हासिल की है। पढ़ाई के सिलसिले में वो अक्सर मेरठ आता-जाता था। आतंकवादी संगठन से संबंध के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। जफर का पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है। जफर की जल्द रिहाई होनी चाहिए। मुझे काफी अटपटा लग रहा है- अख्तरूल ईमान अमौर से एआईएमआईएम विधायक अख्तरूल ईमान ने कहा कि जफर के बारे में लोगों ने बताया कि वह काफी शांत और समझदार व्यक्ति है। कभी किसी तरह की साजिश में उसे नहीं देखा गया है। हैरत की बात है कि उसका आतंकी संगठन से संबंध है। मुझे अटपटा सा लग रहा है। एटीएस ने गिरफ्तार किया है, सिक्योरिटी का मसला है, हम तो इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। एटीएस के लोगों से कहूंगा कि कसूरवार हो तो सजा मिलनी चाहिए, जांच होनी चाहिए। सबूत मिल जाए, सजा मिलनी चाहिए। अगर अफवाहों की बुनियाद पर या किसी दूसरे की मुखबिरी की बुनियाद पर गिरफ्तारी हुई है तो ये जांच का विषय है। कभी-कभी ऐसा भी हुआ है कि 20-25 साल तक लोगों को कैद में रखा गया। बाद में सबूत नहीं होने पर रिहा किया गया। ऐसे में पूरी जिंदगी तबाह हो जाती है। SSB की टीम जफर के घर पहुंची थी दूसरी तरफ, पूर्णिया की लोकल पुलिस और एसएसबी की टीम मंगलवार को जफर के घर पहुंची थी। परिजनों से जफर की मदरसे में पढ़ाई और उसकी अन्य गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली गई थी। पुलिस और एसएसबी गांव में भी जफर के बारे में इनपुट निकाल रही है। फिलहाल जफर यूपी एटीएस के गिरफ्त में है। वहीं, लोकल पुलिस ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार किया है।



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