MLA रविंद्र भाटी पर 'शिव' की कृपा:मंत्रीजी बोले- 'मच्छरों को लट्‌ठ टिकाओ'; राजेंद्रजी की राजेंद्रजी से 'मुलाकात'




नमस्कार, विधायक रविंद्र सिंह भाटी कांवड़ लेकर चले। उनकी विधानसभा का नाम ही शिव है। शिक्षा विभाग का फरमान चर्चा में है। शिक्षा मंत्रीजी ने कोटा में मच्छरों का लट्‌ठमार इलाज बताया और जयपुर में राजेंद्र जी ने राजेंद्र जी से खूब शिकायत की। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. सावन में भोले की शरण में ‘नेताजी’ सावन का महीना चल रहा है। बरसात का तो पता नहीं, लेकिन आस्था भरपूर बरस रही है। अंता से विधायक और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया तो आकंठ शिवभक्ति में डूबे हैं। जिला प्रमुख रहीं उनकी पत्नी उर्मिला भी नाचते-गाते कांवड़ यात्रा में शामिल हुईं। नेताजी भगवान से क्या मांगते होंगे। शायद एक और चांस। तो चांस भी आ रहा है। निकाय चुनाव में भक्तों का रेला टिकट के लिए उमड़ रहा है। इस वक्त तो जनता ही शिव है। लोकतंत्र में शिव ही सत्य, शिव ही सुंदर। ऐसे में कांवड़ यात्रा की सुंदर-सुंदर रील भी सामने आ रही हैं। भक्ति की भक्ति और शक्ति की शक्ति। वैसे बाड़मेर के युवा विधायक जी भी कांवड़ लेकर यात्रा निकालते दिखे। संत-महंत से आशीर्वाद लेते नजर आए। चर्चा है कि उन पर भोले की खास कृपा है, क्योंकि उनके विधानसभा क्षेत्र का नाम ही है- शिव। 2. सरकारी स्कूलों में शूट पर ‘प्रतिबंध’ बाड़मेर के एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर साहब 15 अगस्त के दिन ‘पीकर’ झंडा फहराने पहुंच गए। गांव वालों ने उन्हें बैठाकर खूब खरी-खरी सुनाई। यही मास्टर साहब अगर अब स्कूल के अंदर लड़खड़ाकर घूमते मिले तो आप इनका वीडियो नहीं बना सकते। वरना छात्रों की निजता भंग हो जाएगी। ऐसे में छात्रों की निजता को अटूट बनाए रखने के लिए शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने एक लेटर जारी कर दिया है। इसमें साफ कहा गया है कि सरकारी स्कूल के परिसर में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी करने से पहले प्रधानाचार्य की परमिशन लेनी होगी। कल्पना कीजिए कि जो हेडमास्टर शराब पीकर लड़खड़ा रहा है, क्या वह उसकी हरकत शूट करने की परमिशन देगा? परमिशन तो दूर, वह पुलिस को बुलाकर वीडियो बनाने वाले पर डंडे भी पड़वा सकता है। राजस्थान में सरकारी स्कूलों के हालात क्या हैं, सोशल मीडिया पर नजर आ रहा है। कहीं प्लास्टर गिर रहा है, कहीं सीलन की समस्या है। कहीं टॉयलेट खराब हैं। कहीं टीचर्स ही नहीं हैं और कहीं-कहीं तो स्कूल तक नहीं हैं। ये सब खामियां उन जागरूक लोगों के कारण सामने आती हैं जो इन कमियों को शूट कर लेते हैं। लेकिन अब नहीं कर पाएंगे। कोटा में एक व्यक्ति ने मंत्रीजी को मच्छरों की समस्या सुनाई। मंत्रीजी ने उपाय बताया- मच्छर आए तो टिकाओ एक लट्‌ठ की। मच्छर-पीड़ित व्यक्ति लगभग शिकायती अंदाज बोला- सर वो तो करोड़ों-अरबों की संख्या में हैं। सोशल मीडिया क्रिएटर और इन्फ्लूएंसर भी मच्छरों की तरह बढ़ रहे हैं। मंत्रीजी के पास उनके लिए भी ‘लट्‌ठ’ वाला इलाज है। 3. चलते-चलते.. जयपुर में राजेंद्र जी वर्सेज राजेंद्र जी का मामला हो गया। दरअसल, समाज के एक कार्यकर्ता का कोई विवाद चल रहा है। पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा उनके समर्थन में भाजपा के सीनियर नेता राजेंद्र राठौड़ के आवास पर पहुंचे गए। तो राजेंद्र जी ने राजेंद्र जी के आवास के बाहर नारेबाजी करना शुरू कर दिया। राजेंद्र जी यह सब देख रहे थे। वे हैरान थे कि राजेंद्र जी यह क्या कर रहे हैं। राजेंद्र जी न तो सरकार में थे, न मंत्री-विधायक थे, न किसी पद पर आसीन। उनके हाथ में क्या है? वे तो खुद दो दिन पहले चुनावी हार की टीस जनता के सामने रख चुके हैं। राजेंद्र जी का धरना देख राजेंद्र जी को बात समझ नहीं आई। उन्होंने राजेंद्र जी को अंदर बुलाया। राजेंद्र जी समर्थकों और पीड़ित कार्यकर्ता को लेकर अंदर पहुंचे। राजेंद्र जी ने राजेंद्र जी से पूछा- राजेंद्र जी, आप मेरे आवास के बाहर धरना क्यों दे रहो हो? राजेंद्र जी जैसे इसी सवाल का इंतजार कर रहे थे। वे गरजकर बोले- राजेंद्र जी, समाज आपके पीछे चलता है। हम किसी पार्टी को नहीं जानते। हम आपको जानते हैं। इसलिए समाज के लिए आपको काम करना ही पड़ेगा। राजेंद्र जी ने राजेंद्र जी की बात समझी और राजेंद्र जी को आश्वासन दिया कि मैं जल्दी ही सरकार से इस बारे में बात करूंगा। इस आश्वासन के बाद राजेंद्र जी राजेंद्र जी के आवास से लौटे। इनपुट सहयोग- विजय कुमार (बाड़मेर), मुकेश सोनी (कोटा), अनुराग हर्ष (बीकानेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।



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