भिंड। शहर में राष्ट्रकवि के सम्मान और विरासत को सहेजने के दावों के बीच उनकी प्रतिमा स्थल की अनदेखी सामने आ रही है। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिमा के आसपास इन दिनों ठेले लगने से प्रतिमा स्थल की गरिमा प्रभावित हो रही है। स्थानीय साहित्य प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है। मैथिलीशरण गुप्त हिंदी साहित्य के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं और उन्हें महात्मा गांधी द्वारा राष्ट्रकवि की उपाधि दी गई थी। उनकी रचनाओं ने राष्ट्रीय चेतना और भारतीय संस्कृति को नई दिशा दी। लोगों का कहना है कि प्रतिमा स्थल पर ठेले लगने से न केवल आवाजाही प्रभावित होती है, बल्कि प्रतिमा की नियमित साफ-सफाई और सौंदर्य भी प्रभावित हो रहा है। -राकेश शर्मा
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शहर में प्रतिमाओं के आसपास लगाए जा रहे ठेले
