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वेब सीरीज 'मनी हाइस्ट' देखकर की थी चोरी:7 लाख की नकबजनी के बाद CCTV कैमरों पर ब्लैक पेंट से किया स्प्रे, 2 गिरफ्तार




उदयपुर में 7 लाख रुपए की नकबजनी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वेब सीरीज ‘मनी हाइस्ट’ देखकर चोरी की योजना बनाने की बात कही। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में यूज की गई ग्लैंजा कार और चोरी की गई 7 लाख रुपए की नकदी भी बरामद की है और मामले में पूछताछ की जा रही है। सूरजपोल थाना पुलिस ने अशोक नगर स्थित अमृतश्री कॉम्प्लेक्स में 4 अगस्त की रात हुई 7 लाख रुपए की नकबजनी का खुलासा कर दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में हितेश कुमावत (32) निवासी देसूरी (पाली), हाल तितरड़ी (उदयपुर) और अमित फिल्ड (21) निवासी आसियाना कॉलोनी, बिलिया (उदयपुर) शामिल हैं। लेबर पेमेंट के लिए रखे थे पैसे, सुबह टूटा मिला ताला नवरतन कॉम्प्लेक्स भुवाणा निवासी भगवतीलाल लोढ़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अमृतश्री कॉम्प्लेक्स की चौथी मंजिल पर (ऑफिस नंबर 406-407) उनका कंस्ट्रक्शन ऑफिस है। 4 अगस्त की शाम वे लेबर और पार्टी पेमेंट के लिए 7 लाख रुपए ड्रॉवर में रखकर ऑफिस लॉक करके घर गए थे। अगली सुबह ऑफिस पहुंचे तो ताला टूटा मिला और अंदर रखे 7 लाख रुपए नकद गायब थे। वेब सीरीज देखकर रची साजिश एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर थानाधिकारी सूर्यभान सिंह की अगुवाई में ‘टारगेट अशोक नगर’ व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर विशेष टीम गठित की गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी हितेश कुमावत शेयर मार्केट (निफ्टी और सेंसेक्स) में ट्रेडिंग करता था। ट्रेडिंग में भारी नुकसान होने के बाद उसने ज्यादा पैसे कमाने के लालच में चोरी का प्लान बनाया। हितेश ने ‘मनी हाइस्ट’ और ‘प्रितम एंड पैड्रो’ जैसी क्राइम वेब सीरीज देखकर चोरी का पूरा तरीका सीखा और उसे प्रैक्टिकल रूप से दोहराया। वारदात के वक्त आरोपी काले कपड़े पहनकर और मुंह ढककर आरसीए कॉलेज के पीछे बड़ी घास और अंधेरे का फायदा उठाकर पहुंचा। पहचान छुपाने के लिए उसने बिल्डिंग के सभी CCTV कैमरों पर ब्लैक पेंट स्प्रे कर दिया था। 14 दिन की पड़ताल, संदिग्ध कार से पकड़ाए आरोपी वारदात के बाद आरोपी उसी रास्ते से भागकर फतेह स्कूल ब्रिज के पास खड़ी कार में बैठकर फरार हो गए थे। पुलिस को गुमराह करने के लिए दोनों रातभर शहर में कार से घूमते रहे। टारगेट टीम ने 14 दिनों तक शहर के विभिन्न चौराहों के सैकड़ों कैमरे खंगाले और संदिग्ध कार के जरिए आरोपियों को दबोच लिया। इस खुलासे में एएसआई ओमवीर सिंह, शीशराम, राजेशपाल सिंह, कॉन्स्टेबल पवन, शिवलाल और साइबर सेल के लोकेश रायकवाल की अहम भूमिका रही।



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