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आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने सरकारी प्राथमिक विद्यालय को लेकर योगी सरकार का अजब कारनामा उजागर किया है। उन्होंने बताया कि जौनपुर में 5 प्राथमिक स्कूल ही चोरी हो गए हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालय ढालगढ़ टोला, मिसिरपुर, गगन अर्जनी, उर्दू बाजार और बाघ हासिन शामिल हैं। जमीन पर न विद्यालय, न बच्चे और ना ही शिक्षकों का पता है। फिर भी सरकार कागजों में इन्हें संचालित दिखा रही है। उन्होंने यूपी सरकार और भाजपा के लोगों को चुनौती देते हुए कहा कि कोई इन पांच में से एक स्कूल खोजकर दिखा दें, एक लाख इनाम दूंगा। AAP के राज्यसभा सदस्य व उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने दावा करते हुए कहा कि आज मैं योगी सरकार का अद्भुत और अनोखा मामला सामने आया है। अभी तक हम लोग वह विद्यालय दिखा रहे थे जिसकी बिल्डिंग मौजूद थी, जिसके भीतर कूड़ा-कचरा था, रसोई घर और टॉयलेट की हालत खराब थी, जो कागजों में चल रहा था लेकिन मौके पर नहीं चल रहा था। लेकिन जौनपुर जिले में सरकारी स्कूल ही गायब हो गया है। U-DISE पोर्टल पर स्कूल चालू, लेकिन ग्राउंड पर अता-पता नहीं सांसद ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी सरकार के यू-डाइस पोर्टल पर स्कूल ऑपरेशनल दिखाया जा रहा है और डबल इंजन की सरकार कह रही है कि स्कूल चल रहा है, लेकिन यहां तो बिल्डिंग का ही अता-पता नहीं है। आम आदमी पार्टी योगी सरकार और भाजपा के लोगों को चुनौती देती है कि इन पांच स्कूलों में से एक स्कूल खोजकर दिखा दें। मैं खोजने वाले को एक लाख रुपए दूंगा। जौनपुर के इन पांच प्राथमिक विद्यालयों के नाम प्राथमिक विद्यालय ढालगढ़ टोला, प्राथमिक विद्यालय मिसिरपुर, कन्या कंपोजिट विद्यालय गगन अर्जनी, प्राथमिक विद्यालय उर्दू बाजार और प्राथमिक विद्यालय बाघ हासिन है। पूरे देश में ऐसा नहीं हुआ, स्कूल ही गायब हो जाए- संजय सिंह संजय सिंह ने कहा कि नगर शिक्षा अधिकारी की चिट्ठी में इन पांचों विद्यालयों के बारे में बताया गया है कि इनका कोई पता नहीं है। ये विद्यालय किराए के मकान में चल रहे थे और अब इन पर भवन स्वामियों का कब्जा करा दिया गया है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार के ऑनलाइन यू-डाइस पोर्टल पर मिसिरपुर प्राथमिक विद्यालय, कन्या कंपोजिट विद्यालय गगन अर्जनी, बाघ हासिन विद्यालय, ढालगढ़ टोला का विद्यालय और उर्दू बाजार का विद्यालय ऑपरेशनल दिख रहे हैं। यू-डाइस पर ये स्कूल चल रहे हैं, लेकिन हकीकत में न विद्यालय का पता है, न बच्चों का और न ही शिक्षकों का पता है। चंदा चोरी, चढ़ावा चोरी, जमीन चोरी और चीनी चोरी से लेकर अब स्कूल चोरी तक का यह मामला सामने आया है। पूरे देश में ऐसा उदाहरण कहीं नहीं मिलेगा जहां पूरा का पूरा विद्यालय ही गायब हो गया हो। सांसद बोले- एफआईआर अधिकारियों पर हो, न कि वीडियो बनाने वालों पर संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके बीएसए व अन्य अधिकारी कह रहे हैं कि वे एफआईआर दर्ज कराएंगे। जब स्कूल की चोरी हो रही है, तो एफआईआर स्कूल चुराने वाले चोरों और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ होनी चाहिए, न कि वीडियो बनाने वालों के खिलाफ होनी चाहिए। मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि ऐसे तमाम जर्जर विद्यालयों के मामले में अगर वे ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, तो खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। जहां जिलाधिकारी (डीएम) इसमें शामिल हैं, वहां डीएम के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। पहले भी योगी सरकार ने जर्जर स्कूल की वीडियो बनाने वाले AAP कार्यकर्ताओं किया था केस दर्ज संजय सिंह ने दो उदाहरण देते हुए बताया कि आम आदमी पार्टी के यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह ने नोएडा जाकर स्कूल की जर्जर हालत का वीडियो बनाया, लेकिन स्कूल ठीक करने के बजाय पंकज सिंह पर ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसी तरह हरदोई में हमारे कार्यकर्ता फिरोज सिद्दीकी ने जर्जर विद्यालय और सड़कों का वीडियो बनाया, तो हरदोई के डीएम ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। जो लोग मिड-डे मील का पैसा खा रहे हैं और निर्माण कार्य में घोटाला कर रहे हैं, उन पर एफआईआर करने के बजाय सरकार सच उजागर करने वालों पर एफआईआर कर रही है। मैं उत्तर प्रदेश शासन से साफ कहना चाहता हूं कि तानाशाही से काम नहीं चलेगा। कार्रवाई उन लोगों पर होनी चाहिए जिन्होंने स्कूलों और मिड-डे मील की यह हालत बनाई है और जिन्होंने स्कूलों की चोरी की है। मैं खुद जौनपुर सहित तीन जिलों में मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दूंगा और अगर जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो मैं धारा 156(3) के तहत कोर्ट जाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराऊंगा।
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सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर खड़े किए सवाल:कहा- जौनपुर में 5 प्राथमिक स्कूल ही चोरी हो गए
