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लुधियाना नगर निगम की FCC मेंबर्स के चुनाव में घमासान:AAP फिर विधायक-पुत्रों को बना सकती है उम्मीदवार; गौरव भट्‌टी का आरोप-पार्षदों को धमका रही पुलिस




लुधियाना नगर निगम की फाइनांस एंड कांट्रेक्ट कमेटी यानी FCC के दो मेंबर्स के चुनाव के लिए सियासी घमासान मच गया है। 25 अगस्त को नगर निगम हाउस की मीटिंग में मेंबर्स के चुनाव के लिए मतदान होना है। मतदान से पहले सत्तापक्ष यानी आम आदमी पार्टी और विपक्षी दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर दी। आप फिर से दोनों विधायक पुत्रों को चुनाव लड़ाकर फिर से मेंबर बनाने के जुगाड़ में है जबकि विपक्षी दल भी अपना गणित सेट करने में जुटे हैं। इसी बीच हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विधायक पुत्रों की नियुक्ति को रद्द करवाने वाले पार्षद गौरव भट्‌टी को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। गौरव भट्‌टी ने आरोप लगाया कि आप के उम्मीदवारों को जिताने के लिए पुलिस विपक्षी पार्षदों को धमका रही है। पार्षदों पर दर्ज मामलों में उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी जा रही है। उन्हें मतदान वाले दिन अनुपस्थित रहने को कहा जा रहा है। गौरव भट्‌टी ने डीजीपी पंजाब से मांग की है कि पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि चुनाव होने तक किसी भी पार्षद के खिलाफ नया केस दर्ज न किया जाए और पुराने केसों में किसी की गिरफ्तारी न की जाए। गौरव भट्‌टी द्वारा डीजीपी व सीपी लिखे पत्र में लिखी ये अहम बातें.. थाना प्रभारियों को आदेश जारी करने के लिए पत्र में लिखी ये अहम बातें.. नगर निगम में दो मेंबर्स की जीत का गणित आम आदमी पार्टी के कुल 49 पार्षद हैं वहीं कांग्रेस के 25 और भाजपा के 18 हैं। अकाली दल के दो और एक पार्षद निर्दलीय हैं हालांकि वो भी अब भाजपा में ही हैं। आप दो पार्षदों को चुनाव मैदान में उतारने की योजना बना रही है। उधर कांग्रेस अपना एक उम्मीदवार गौरव भट्‌टी को बना चुकी है। भाजपा भी अपना उम्मीदवार चुनाव में उतारने पर विचार कर रही है। गौरव भट्‌टी ने बताया कि सभी पार्षद एक-एक वोट करेंगे। पहले दो स्थान पर रहने वाले उम्मीदवारों को एफएंडसीसी का मेंबर चुन लिया जाएगा। दोनों की जीत के लिए आप को तीन पार्षद चाहिए आम आदमी पार्टी के 49 पार्षद हैं। ऐसे में एक मेंबर आप का चुना जाना तय है। अगर आप दूसरे मेंबर को भी जिताना चाहती है तो उन्हें तीन पार्षदों की और जरूरत होगी। कांग्रेस के पास 25 पार्षद हैं। भाजपा के 18 व एक निर्दलीय पार्षद हैं जबकि अकाली दल के दो पार्षद हैं। अगर कांग्रेस व भाजपा भी अपना उम्मीदवार उतारते हैं तो आप को दूसरा पार्षद जिताना मुश्किल हो जाएगा। आप अपने एक पार्षद को 26 वोट डलवाकर कांग्रेस से आगे रखती है तो दूसरे के लिए उन्हें तीन पार्षदों का जुगाड़ करना होगा। आप को तीन पार्षद नहीं मिले तो कांग्रेस का एक सदस्य बनना तय है।



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