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धार्मिक यात्राओं पर सांसद गांधी के सवाल, AAP ने घेरा:नील गर्ग बोले- ‘मुफ्तखोरी’ और ‘आडंबर’ कहना आस्था का अपमान, कांग्रेस जवाब दे




पंजाब सरकार की ओर से लोगों को करवाई जा रही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा और धार्मिक समागमों को लेकर कांग्रेस के पटियाला से सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार के धार्मिक कार्यक्रमों और यात्राओं पर सरकारी पैसे के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। इस पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकारी खर्च पर सवाल पूछे जा सकते हैं, लेकिन लोगों की आस्था को ‘मुफ्तखोरी’ या ‘आडंबर’ कहकर उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से डॉ. गांधी के बयान पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा है। धार्मिक यात्राओं पर नहीं खर्च होने चाहिए पैसे डॉ. धर्मवीर गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि उनका परिवार दिन-रात मेहनत करके इसलिए टैक्स भरता है कि राज्य के लोगों को बेहतर इलाज, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचा मुहैया कराया जा सके। उन्होंने कहा कि उनके टैक्स के पैसे को ‘एक शाम शिव के नाम’, ‘हमारे राम’, नए मंदिर बनाने, श्री खाटू श्याम, सालासर, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन और श्री हजूर साहिब जैसी धार्मिक यात्राओं या किसी अन्य धार्मिक अनुष्ठान और आडंबर पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए। डॉ. गांधी ने कहा कि धर्म किसी भी व्यक्ति की निजी आस्था का मामला है। राज्य की ओर से किसी एक या दूसरे धर्म को किसी भी प्रकार की हौसला-अफजाई या सरपरस्ती देना भारतीय संविधान का उल्लंघन है। साथ ही इससे समुदायों के बीच भेदभाव और विभाजन पैदा होकर सांप्रदायिकता को बढ़ावा मिल सकता है। आस्था के अपमान के लिए माफी मांगे आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि यह किसी एक परिवार का पैसा नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों का टैक्स है और लोगों का पैसा लोगों पर ही खर्च हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी और श्री गुरु रविदास जी के समागमों से लेकर श्री दरबार साहिब, श्री हजूर साहिब, वृंदावन, मथुरा, खाटू श्याम, ‘एक शाम शिव के नाम’ और ‘हमारे राम’ तक हर आस्था का सम्मान करना पंजाब की साझा परंपरा है। नील गर्ग ने कहा कि ‘हमारे राम’ में लोग जिस श्रद्धा से पहुंचते हैं, वह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को श्री राम के आदर्शों, संस्कारों और अपनी विरासत से जोड़ने का अवसर है। सरकारी खर्च पर सवाल जरूर पूछे जाने चाहिए, लेकिन लोगों की आस्था को ‘मुफ्तखोरी’ या ‘आडंबर’ कहकर उसका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कहा। नील गर्ग ने कहा कि अगर कांग्रेस डॉ. गांधी के बयान से सहमत है तो पंजाब के लोगों से आस्था के अपमान के लिए माफी मांगे। अगर कांग्रेस उनके बयान से सहमत नहीं है तो बताए कि डॉ. गांधी के बयान पर क्या कार्रवाई करने जा रही है।



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