राजसमंद में जेके फैक्ट्री-नौगामा पर गड्ढों से लोग परेशान:रेलवे ब्रिज के पानी से सड़क पर जलभराव और कीचड़, 7 दिन में समाधान की मांग




राजसमंद में जेके फैक्ट्री से नौगामा जाने वाला मुख्य मार्ग लंबे समय से खराब है और जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं।
रेलवे ब्रिज की ओर से आने वाला पानी सड़क पर जमा होने से जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है।
इससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूल जाने वाले स्टूडेंट्स को परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत और पानी की स्थायी निकासी की मांग करते हुए सात दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। तीन साल पहले बनी थी सड़क वार्ड पंच शांतिलाल कुमावत के अनुसार करीब तीन साल पहले जेके फैक्ट्री से नौगामा जाने वाली सड़क का निर्माण हुआ था। निर्माण के करीब छह महीने बाद रेलवे का काम शुरू हुआ। रेलवे कार्य के दौरान भारी वाहनों और पोकलेन मशीनों का लगातार आवागमन हुआ। इससे सड़क टूट गई और जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए। रेलवे काम पूरा होने के बाद भी नहीं हुई मरम्मत ग्रामीणों ने सड़क खराब होने की शिकायत रेलवे अधिकारियों से की थी। उस समय अधिकारियों ने रेलवे का काम पूरा होने के बाद सड़क की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों के अनुसार रेलवे का काम पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी सड़क की हालत में सुधार नहीं हुआ। पानी भरने से गड्ढों की गहराई नहीं दिखती ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। रेलवे ब्रिज की ओर से आने वाला पानी सड़क पर जमा हो जाता है। इससे गड्ढों में पानी भर जाता है और उनकी गहराई दिखाई नहीं देती। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता जोखिम वाला हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार आए दिन राहगीरों के गिरने और चोट लगने की स्थिति बनी रहती है। स्कूल जाने वाले स्टूडेंट्स भी परेशान सड़क के पास स्कूल होने के कारण स्टूडेंट्स को भी जलभराव और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार रेलवे ब्रिज से आने वाले पानी की स्थायी निकासी की व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से बारिश या पानी आने के बाद सड़क पर बार-बार जलभराव होता है और सड़क खराब होती जा रही है। सात दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत कराने, गड्ढों को ठीक करने और रेलवे ब्रिज से आने वाले पानी की स्थायी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर सात दिन में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।



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