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कानपुर देहात के रनियां थाना क्षेत्र में खड़ंजा बिछाने को लेकर हुए विवाद में पुलिस विवेचना पर सवाल उठ रहे हैं। प्रेमनगर आर्यनगर-2 निवासी शिवा कश्यप ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर मुकदमा अपराध संख्या 161/2026 की जांच किसी अन्य थाने या निष्पक्ष इकाई से कराने की मांग की है। शिवा कश्यप का आरोप है कि 19 अगस्त की शाम ग्राम प्रधान द्वारा उनके घर के सामने खड़ंजा बिछाया जा रहा था। इसी दौरान राजू, कुलदीप, गोविंद, रामलखन, कल्पना और साधना सहित कुछ अन्य लोगों ने खड़ंजा उखाड़ना शुरू कर दिया और गाली-गलौज की। शिवा के अनुसार, जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाना चाहा, तो उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रामलखन ने उनका गला दबाने का प्रयास किया। शिवा ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि विरोधी पक्ष के लोग उनके घर में घुस गए और मारपीट की। जब उनकी पत्नी गीता देवी बचाव में आईं, तो उनके साथ भी मारपीट और अभद्रता की गई। घायल पत्नी गीता देवी को जिला अस्पताल अकबरपुर में उपचार दिलाया गया। घटना की सूचना पुलिस सहायता के लिए 112 और 1090 पर भी दी गई थी। दो पक्षों की महिलाओं के बीच विवाद हुआ था इस मामले में रनियां थाने में मुकदमा अपराध संख्या 161/2026 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर एफआईआर संख्या 162/2026 भी दर्ज होने का उल्लेख है। शिवा कश्यप ने दूसरे मुकदमे को फर्जी बताते हुए उसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस विपक्षी पक्ष से मिलीभगत कर जांच को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास घटना का वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, और गांव के लोग भी इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं। शिवा कश्यप ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच और विवेचना किसी दूसरे थाने से कराने की मांग दोहराई है। रनियां थाना प्रभारी दिनेश गौतम ने बताया कि दो पक्षों की महिलाओं के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि साक्ष्यों के आधार पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर देहात में खड़ंजा विवाद में मारपीट का आरोप:पुलिस विवेचना पर उठे सवाल, एसपी से दूसरे थाने में जांच की मांग
