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जोगिंदरनगर सुगमता केंद्र शिफ्टिंग पर भड़के लोग:विभिन्न संगठनों ने शहर में निकाली विरोध रैली, सभी राजनीति दलों के लोग एक होकर हुए शामिल




जोगिंदरनगर में पिछले नौ वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रहे केंद्रीय आयुष विभाग के सुगमता केंद्र (Facilitation Centre) को सोलन स्थानांतरित (Shift) करने के फैसले के खिलाफ मंगलवार को समूचा शहर सड़कों पर उतर आया। इस निर्णय के विरोध में विभिन्न राजनीतिक दलों, व्यापार मंडल, पूर्व सैनिकों, पेंशनरों और सामाजिक संगठनों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक विशाल रोष रैली निकाली तथा केंद्र सरकार व आयुष विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह आक्रोश रैली शहर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान से शुरू होकर मुख्य बाजारों से होती हुई पुलिस थाना चौक तक पहुँची। इस महारैली में क्षेत्र की तमाम राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने हिस्सा लिया। इसमें भाजपा नेत्री मेघना ठाकुर, माकपा नेता एवं जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज, वरिष्ठ नेता अजय ठाकुर और जिला कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी गुरुशरण परमार।जिला परिषद सदस्य शिवानी ठाकुर, पूर्व जिला परिषद सदस्य ममता भाटिया और पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल रूप सिंह सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारी शामल रहे। “7 राज्यों के 10,000 किसानों के हक पर डाका” पुलिस थाना चौक पर हुई एक जनसभा को संबोधित करते हुए विभिन्न नेताओं ने इस फैसले को जोगिंदरनगर के साथ घोर अन्याय करार दिया। कांग्रेस नेता गुरुशरण परमार ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष और दुर्भावना के चलते जोगिंदरनगर के इस महत्वपूर्ण केंद्र को सोलन भेजा जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय आयुष मंत्रालय से इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग की। माकपा नेता कुशाल भारद्वाज ने तकनीकी आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि यह सुगमता केंद्र अकेले हिमाचल नहीं, बल्कि उत्तर भारत के 7 राज्यों के 10 हजार से अधिक किसानों को सीधे तौर पर लाभ पहुँचा रहा है। उन्होंने दोटूक कहा कि इस केंद्र को यहाँ से हिलने नहीं दिया जाएगा। नए संस्थान देने के बजाय पुराने छीन रही सरकार भाजपा नेत्री मेघना ठाकुर ने अपनी ही सरकार के विभाग के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र को नए संस्थान सौपने के बजाय पहले से चल रहे स्थापित केंद्रों को बाहर ले जाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करते हुए ऐलान किया कि जब तक सुगमता केंद्र को जोगिंदरनगर में ही बनाए रखने का लिखित आदेश नहीं आता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। व्यापार मंडल की चेतावनी: मांग न मानी तो पूरा शहर होगा ठप जोगिंदरनगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने प्रशासन और केंद्र सरकार को खुली चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्रवासियों और किसानों की इस जायज मांग को अनसुना किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। यह केवल एक सरकारी दफ्तर को शिफ्ट करने का मामला नहीं है, यह जोगिंदरनगर की आर्थिकी और पहचान पर हमला है। अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो हजारों लोगों को एकजुट कर बड़े पैमाने पर चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।”



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