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Jhajjar Double Murder Solved | Oil Theft Money Dispute


पुलिस की गिरफ्त में हत्या के दो आरोपी। इनसेट में मृतकों कामिल (राइट) और इरशाद (लेफ्ट) की फाइल फोटो।

झज्जर में गुरुग्राम रोड पर क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के इंटरनेशनल स्कूल के सामने हुए डबल मर्डर केस में पुलिस ने कई बड़े खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक, कामिल (50) और इरशाद (40) की हत्या उनके ही साथियों ने ट्रकों से तेल चोरी के धंधे में पैसों के बंटवा

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पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने बताया कि मृतक कामिल और इरशाद ट्रकों से तेल चोरी का नेटवर्क चलाते थे। इस धंधे से हर रोज करीब 50 से 60 हजार रुपए की कमाई होती थी। लेकिन साथियों को काफी कम पैसे देते थे।

इससे नाराज आरोपियों ने योजना बनाकर याकूबपुर गांव में दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों के शव काले रंग की एसयूवी में डालकर झाड़ियों के पास फेंक दिए, ताकि पुलिस जांच को गुमराह किया जा सके।

पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अभी फरार हैं। दोनों की तलाश जारी है।

कामिल और इरशाद के शव के पास से एक तेल का ड्रम और पाईप भी मिला था।

कामिल और इरशाद के शव के पास से एक तेल का ड्रम और पाईप भी मिला था।

अब जानिए पुलिस ने और क्या खुलासे किए…

  • 1 साल से चला रहे थे डीजल चोरी का गैंगः पुलिस जांच में सामने आया कि कामिल, इरशाद, सतीश, विक्रम, कपिल और सिकंदर पिछले करीब एक साल से हरियाणा और राजस्थान में सड़क किनारे खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करते थे। गिरोह देर रात XUV-500 में निकलता, ट्रकों की रेकी करता और पाइप के जरिए डीजल निकालकर कैनों में भर लेता था।
  • एक रात में 700 लीटर तक डीजल चोरी करतेः पुलिस के मुताबिक, एक रात में 600 से 700 लीटर तक डीजल चोरी किया जाता था, जिसे बाजार से कम कीमत पर बेच दिया जाता था। चोरी के दौरान आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद रखते थे ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके।
  • साथियों को ₹1500 दिहाड़ी देते, खुद ₹60 हजार कमातेः पूछताछ में सामने आया कि गिरोह में काम करने वाले सतीश और उसके साथी को सिर्फ 1500-1500 रुपए प्रतिदिन दिए जाते थे, जबकि चोरी से हर रोज 60 हजार रुपए कमाकर उसे कामिल और इरशाद अपने पास रख लेते थे। बाद में दोनों ने डीजल सीधे बेचकर ज्यादा कमाई शुरू कर दी। इसी बात को लेकर गैंग के अन्य सदस्यों में नाराजगी बढ़ती गई और हत्या की साजिश रची।
  • डीजल चोरी के बहाने बुलाया, फिर गोली मारकर हत्याः पुलिस के अनुसार 6 जुलाई की रात आरोपियों ने कामिल और इरशाद को डीजल चोरी के बहाने अपने साथ झज्जर-गुरुग्राम रोड पर ले गए। पहले कामिल को गोली मारी गई। इसके बाद इरशाद को गाड़ी में कुछ दूर ले जाकर गोली मार दी गई। विरोध करने पर लोहे की पाइप, रिंच और पेचकस से भी हमला किया गया। दोनों की मौत के बाद शवों को स्कूल के सामने झाड़ियों में फेंक दिया गया।
  • सबूत मिटाने के लिए जलाए कपड़े, धुलवाई गाड़ीः वारदात के बाद आरोपियों ने खून से सने कपड़े बदलकर जला दिए। हत्या में इस्तेमाल हुई मृतक कामिल की XUV-500 को पानी से धोकर साफ किया गया और बाद में छिपा दिया गया ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।

पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।

2 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी 5 दिन के रिमांड पर

पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी सतीश (गांव किर्ठल, बागपत, उत्तर प्रदेश) और विक्रम उर्फ लम्बू (देहमी, अलवर, राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया है। सतीश को अदालत ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।

पुलिस अब अन्य दो आरोपियों कपिल और सिकंदर की गिरफ्तारी और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार व वाहन की बरामदगी में जुटी है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई काले रंग की एसयूवी बरामद कर ली गई है।

पुलिस कमिश्नर बोलीं- जांच में सामने आ सकते हैं और राज

पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि अब तक की जांच में पैसों के बंटवारे को हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि, जांच अभी जारी है और रिमांड के दौरान पूछताछ में इस हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं से भी पर्दा उठ सकता है।

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यह भी पढ़ें- सिर-कमर में गोलियां मारकर झज्जर फेंके थे दोनों शव:पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर वार, जलाने की कोशिश; 2 करोड़ का प्लॉट बेचा था

झज्जर में सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के सामने झाड़ियों में मिली 2 लाशों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सबूत मिटाने के लिए शवों को सुनसान जगह पर फेंका गया था। इनका पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर भी वार किए गए थे। पूरी खबर पढ़ें…



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