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बेगूसराय में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:परिजन का आरोप- लापरवाही के बाद बैनर-पोस्टर हटाकर भागे अस्पताल कर्मी; 4 घंटे तक सड़क जाम




बेगूसराय के दहिया स्थित गणपति नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत हो गई। ​मृतका की पहचान बसही वार्ड नंबर-2 के रहने वाले हरेराम साह की पत्नी सीमा कुमारी (25) के रूप में की गई है। मौत की सूचना मिलने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने पिपरा-भगवानपुर मुख्य मार्ग को करीब चार घंटे तक जाम रखकर जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आश्वासन देकर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना भगवानपुर थाना क्षेत्र की है। डिलीवरी के बाद बिगड़ी तबीयत मृतका की गोतनी सुनीता देवी ने बताया कि सीमा कुमारी को मंगलवार शाम करीब 4 बजे प्रसव के लिए गणपति नर्सिंग होम दहिया में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के करीब दो घंटे के बाद महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया, जो फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन प्रसव के कुछ देर बाद ही सीमा कुमारी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने गंभीर लापरवाही बरती। सही समय पर उचित डॉक्टरी देखभाल न मिलने के कारण इलाज के दौरान ही महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पति बेंगलुरु में में रहते हैं परिजनों का आरोप है कि जैसे ही महिला की मौत हुई, अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया। कानूनी कार्रवाई और विरोध से बचने के लिए अस्पताल कर्मियों ने आनन-फानन में अस्पताल परिसर में लगे सभी बैनर, पोस्टर और पहचान संबंधी अन्य सामग्री हटा दी और मौके से फरार हो गए। अस्पताल की इस हरकत से गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया। मृतका सीमा कुमारी के पति हरेराम साह परिवार के भरण-पोषण के लिए बेंगलुरु में मजदूरी करते हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मृतका अपने पीछे दो छोटी बच्चियों को छोड़ गई है आरोपी की गिरफ्तारी की मांग मां की असमय मौत से मासूम बच्चों के सिर से साया उठ गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ​घटना से आक्रोशित लोगों ने दोषी अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर गणपति नर्सिंग होम के सामने पिपरा-मंसूरचक मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम करने वाले उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। सड़क जाम और हंगामा की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन लोग समझने के लिए तैयार नहीं हुए। उचित कार्रवाई का आश्वासन पर माने परिजन करीब 4 घंटे तक चले लंबे विरोध-प्रदर्शन और मशक्कत के बाद पुलिस ने परिजनों से लिखित आवेदन लिया और आश्वासन दिया कि आवेदन के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया।



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