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Gurugram Waterlogging Controversy | Rao Inderjit Singh Meets CM Saini


चंडीगढ़ में सीएम हाउस के अंदर जाते केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह।

गुरुग्राम में बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर मचे बवाल के बीच बुधवार सुबह अचानक गुरुग्राम सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सैनी के आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद राव इंद्रजीत ने मीडिया से बात

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उन्होंने कहा कि इन इलाकों में साल-दर-साल जलभराव होता है। इसी मुद्दे को लेकर वह आज मुख्यमंत्री से मिलने आए थे। जहां काम नहीं हुआ है, वहां अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा रहा है। मेट्रो की तर्ज पर जमीन के नीचे से ही टनल (सुरगें) बनाकर पानी निकासी की व्यवस्था बननी चाहिए।

24 अगस्त को गुरुग्राम में लगातार 9 घंटे बारिश हुई थी। इसकी वजह से शहर के सुभाष चौक, राजीव चौक, इफको चौक समेत अन्य जगहों पर कई फीट पानी भर गया था। कार और स्कूल बसें डूबने की भी तस्वीरें आईं।

25 अगस्त को इफको चौक के पास सड़क करीब 15 फीट तक धंस गई थी।

25 अगस्त को इफको चौक के पास सड़क करीब 15 फीट तक धंस गई थी।

जानिए CM से मुलाकात के बाद राव ने क्या कहा…

गुरुग्राम जलभराव का स्थायी समाधान जरूरी

राव इंद्रजीत ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी से गुरुग्राम में हर साल होने वाले जलभराव की समस्या को लेकर चर्चा हुई। केवल अस्थायी इंतजामों से इसका समाधान नहीं होगा। इसके लिए तकनीकी आधार पर स्थायी योजना बनानी होगी। पिछले 20 साल में जलभराव की समस्या लगातार बढ़ी है। पहाड़ों और नालों से आने वाला पानी पहले ड्रेन नंबर-8 तक पहुंचता था, लेकिन कई जगह इसके रास्ते में कॉलोनियां काट दी गईं। सड़कों का निर्माण होने के साथ बिल्डरों ने भी कई जगह अवैध कब्जे कर लिए।

प्राकृतिक जलमार्ग बाधित, अंडरग्राउंड ड्रेनेज का सुझाव

राव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इन निर्माणों को आसानी से हटाना संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया है कि जहां पानी के प्राकृतिक रास्ते बाधित हो गए हैं, वहां मेट्रो की तर्ज पर भूमिगत जल निकासी की व्यवस्था बनाई जाए। जहां नाले रुक रहे हैं, वहां नीचे से पानी निकालने का रास्ता बनाया जा सकता है। इससे गुरुग्राम में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।

IIT विशेषज्ञों से रोडमैप बनाने की जरूरत

राव इंद्रजीत ने कहा कि पानी को एक जगह रोकने से समस्या खत्म नहीं होगी। एक जगह पानी रोकने पर वह दूसरी जगह से निकल जाएगा। इसलिए तकनीकी विशेषज्ञों, खासकर IIT के विशेषज्ञों से सलाह लेकर ठोस रोडमैप तैयार करना होगा। सरकार इस दिशा में काम कर रही है। जिन कामों में देरी हुई है, उनके लिए अधिकारियों से एक्सप्लेनेशन कॉल भी ली जा रही है।

24 अगस्त को सुभाष चौक के पास स्कूल बसें जलभराव में फंस गई थीं। कई घंटे बच्चे बस में ही फंसे रहे।

24 अगस्त को सुभाष चौक के पास स्कूल बसें जलभराव में फंस गई थीं। कई घंटे बच्चे बस में ही फंसे रहे।

एक दिन पहले कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया

25 अगस्त को राव इंद्रजीत सिंह ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा था कि कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान हुए इस विकास के परिणाम हम आज भी भुगत रहे हैं। इसे ठीक करने का अब एकमात्र तरीका यह है कि पानी को उन मूल रास्तों से निकालने के लिए पुराने नालों के रास्तों पर मेट्रो की तर्ज पर अंडरग्राउंड टनल का निर्माण किया जाए। अभी हम जो कर रहे हैं वह केवल एक अस्थायी समाधान है।

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