22 नगरीय निकायों के मुक्तिधामों के लिए 10.40 करोड़ मंजूर:हाईकोर्ट की फटकार के बाद बिलासपुर के मधुबन मुक्तिधाम को मिले 40 लाख की किश्त




प्रदेश के मुक्तिधामों की बदहाल स्थिति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 22 नगरीय निकायों में मुक्तिधामों के निर्माण और सुधार के लिए 10.40 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। बिलासपुर नगर निगम के मधुबन मुक्तिधाम के लिए 84 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं, जिसमें से 40 लाख रुपए की पहली किश्त जारी कर दी गई है। मुक्तिधामों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों को जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने नगरीय निकायों के प्रस्तावों के आधार पर राशि स्वीकृत की है। 1.49 करोड़ का भेजा था प्रस्ताव, मिले 84 लाख बिलासपुर नगर निगम ने मधुबन मुक्तिधाम के विकास के लिए 1.49 करोड़ रुपए का प्रस्ताव सूडा को भेजा था। निगम के अधीक्षण अभियंता एसपी साहु के मुताबिक इसमें से 84 लाख रुपए ही स्वीकृत हुए हैं। प्रस्तावित राशि में करीब 65 लाख रुपए की कटौती किन कार्यों में हुई है, यह फिलहाल पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। नदी किनारे बाउंड्रीवॉल सहित कुछ प्रस्तावित कार्यों को अभी स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृत राशि से मुक्तिधाम में शेड, नाली, आने-जाने के रास्ते और अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। 22 निकायों में होंगे विकास कार्य सूडा की ओर से जारी 10.40 करोड़ रुपए की राशि का उपयोग नए मुक्तिधाम बनाने और पुराने मुक्तिधामों के सुधार में किया जाएगा। इसमें शेड निर्माण, बाउंड्रीवॉल, नाली व्यवस्था, रास्ते और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जमीन की एनओसी के बाद शुरू होगा काम सूडा ने राशि जारी करते हुए निकायों के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं। जिस जमीन पर निर्माण होना है, उस पर संबंधित निकाय का कब्जा और एनओसी होना जरूरी होगा। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू किया जाएगा। पहली किश्त की राशि खर्च होने के बाद निकाय को उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) और खर्च का हिसाब देना होगा। इसके आधार पर अगली किश्त जारी की जाएगी। वहीं, काम में देरी के कारण लागत बढ़ने पर अतिरिक्त राशि संबंधित नगर निगम को ही वहन करनी होगी।



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