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Meta Settlement: Facebook & Instagram Daily Limit for Teens


कैलिफोर्निया13 मिनट पहले

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मेटा प्लेटफॉर्म्स बच्चों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का लती बनाने, उनकी सुरक्षा पर गुमराह करने और बिना सहमति डेटा जुटाने के आरोपों से जुड़े मुकदमों को खत्म करने के लिए $16.68 बिलियन (लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपए) का भुगतान करने पर सहमत हो गया है।

कैलिफोर्निया के फेडरल कोर्ट में 29 राज्यों द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह समझौता हुआ है। इसके तहत अब मेटा को देशभर के किशोरों के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रोजाना इस्तेमाल की सीमा (डेली लिमिट) और रात में इस्तेमाल पर रोक (नाइटटाइम ब्लॉक) जैसे फीचर्स अनिवार्य रूप से लागू करने होंगे।

समझौते की मुख्य बातें

  • मेटा $16.68 बिलियन (अधिकतम राशि) के भुगतान पर सहमत हुआ।
  • 29 अमेरिकी राज्यों के साथ जारी मुकदमे की सुनवाई के दौरान समझौता हुआ।
  • फेसबुक और इंस्टाग्राम पर टीनेजर्स के लिए डेली लिमिट और नाइटटाइम ब्लॉक लगेंगे।
  • मेटा ने किसी भी गलत काम (गलती) की बात से इनकार किया है।
  • प्री-मार्केट ट्रेडिंग में मेटा के शेयर में 4.4% की तेजी दर्ज की गई।

क्या थे राज्यों के आरोप और मुकदमा

यह मामला अमेरिका के कई राज्यों, स्थानीय सरकारों, स्कूल जिलों और व्यक्तिगत नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ दायर की गई मुकदमों की एक बड़ी श्रृंखला का हिस्सा है। इसमें आरोप लगाया गया था कि इन प्लेटफॉर्म्स ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य संकट को बढ़ाने का काम किया है।

फेडरल कोर्ट में चल रहे इस केस में कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी के वे दावे शामिल थे, जिनमें आरोप था कि मेटा ने राज्य उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का उल्लंघन किया। इसके अलावा, 29 राज्यों का आरोप था कि मेटा ने चिल्ड्रन्स ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट (COPPA) का उल्लंघन किया।

कंपनी ने माता-पिता को सूचित किए या उनकी सहमति लिए बिना बच्चों का व्यक्तिगत डेटा एकत्र किया और उसका उपयोग अपने मशीन लर्निंग व जनरेटिव AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए किया।

मेटा का रुख और पुराना तर्क

मेटा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसने अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़ा काम किया है। कंपनी का तर्क था कि वह उपभोक्ताओं को इस बात पर गुमराह नहीं कर सकती कि उसकी सेवाएं लत लगाने वाली हैं, क्योंकि ‘सोशल मीडिया एडिक्शन’ कोई मान्यता प्राप्त मानसिक या साइकियाट्रिक स्थिति (मानसिक बीमारी) नहीं है।

ट्रायल से पहले कोर्ट फाइलिंग में मेटा ने बताया था कि कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी उससे $1.4 ट्रिलियन (लगभग 117 लाख करोड़ रुपए) तक के जुर्माने की मांग कर रहे थे।

हालांकि राज्यों ने सुझाव दिया था कि यह राशि $200 बिलियन के करीब होगी। इसके अलावा अतिरिक्त मुआवजे और बच्चों के नए अकाउंट बनाने पर पूरी तरह से रोक लगाने की भी मांग की गई थी।

दूसरी दिग्गज टेक कंपनियों पर भी चल रहे हैं मुकदमे

मेटा, स्नैपचैट (और इसकी पेरेंट कंपनी स्नैप), यूट्यूब (और इसकी पेरेंट कंपनी अल्फाबेट) तथा टिकटॉक (और इसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस) अभी भी विभिन्न अदालतों में हजारों मुकदमों का सामना कर रही हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर अपने ऐप्स में ऐसे फीचर्स जोड़े जो बच्चों और किशोरों को लती बनाते हैं।

ऑकलैंड फेडरल कोर्ट: जज इवोन गोंजालेज रोजर्स के समक्ष ऑकलैंड में दर्जनों मामले एक साथ चल रहे हैं, जिनमें व्यक्तिगत याचिकाएं, स्कूल डिस्ट्रिक्ट्स और राज्य सरकारें शामिल हैं।

लॉस एंजिल्स और अन्य राज्य: लॉस एंजिल्स के एक जज हजारों व्यक्तिगत याचिकाओं की सुनवाई कर रहे हैं। लगभग 30 राज्यों ने राज्य अदालतों में केस दायर किए हैं। नैशविले में जुलाई से मेटा के खिलाफ सुनवाई जारी है।

न्यू मेक्सिको और अन्य मामलों में मेटा की हार यह $16.68 बिलियन का समझौता ऐसे समय में आया है जब मेटा हाल ही में न्यू मेक्सिको राज्य द्वारा दायर एक लैंडमार्क मुकदमे के दोनों चरणों में हार चुका है:

मार्च का फैसला: न्यू मेक्सिको की एक जूरी ने उपभोक्ताओं को सुरक्षा के नाम पर गुमराह करने का दोषी पाते हुए मेटा पर $375 मिलियन (लगभग 3,150 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया था।

6 अगस्त का फैसला: जज ने माना कि मेटा ने ‘पब्लिक न्यूसेंस’ (जनहित में बाधा) पैदा किया है और उसे $567 मिलियन (लगभग 4,760 करोड़ रुपए) अतिरिक्त देने तथा यूथ-सेफ्टी नियम लागू करने का आदेश दिया।

इसके अलावा, मार्च में ही किसी व्यक्ति की याचिका पर आया पहला फैसला भी मेटा और गूगल के खिलाफ रहा। लॉस एंजिल्स की जूरी ने वादी ‘कैली जी.एम.’ को डिप्रेशन और एंग्जाइटी के लिए इन कंपनियों को जिम्मेदार माना और संयुक्त रूप से $6 मिलियन का हर्जाना देने का आदेश दिया। मेटा और गूगल ने इन फैसलों के खिलाफ अपील करने की बात कही है।

स्कूल जिले के केस में चारों कंपनियों का सेटलमेंट

फेडरल कोर्ट में सुनवाई के लिए तय पहले मामले में मेटा, स्नैप, अल्फाबेट और बाइटडांस- इन चारों कंपनियों ने समझौता कर लिया था। केंटकी के ब्रेथिट काउंटी स्कूल डिस्ट्रिक्ट (Breathitt County School District) द्वारा दायर इस केस में आरोप था कि ये ऐप्स छात्रों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके तहत स्कूल जिले को संयुक्त रूप से $27 मिलियन मिलने तय हुए थे।

चिल्ड्रन्स ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट (COPPA) क्या है?

COPPA अमेरिका का एक संघीय कानून है जो 13 साल से कम उम्र के बच्चों की व्यक्तिगत जानकारी को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है।

इसके तहत किसी भी ऐप या वेबसाइट को बच्चों का डेटा जुटाने, उनका ऑनलाइन प्रोफाइल बनाने या AI मॉडल ट्रेन करने के लिए माता-पिता की स्पष्ट सहमति लेना अनिवार्य होता है। इसका उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।

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